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संभल के पेशेवर कातिलों ने मारा था युवतियों को

Sun, 31 Jan 2016 01:09 AM IST
शाहजहांपुर।
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नाना की करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए आरोपी राहुल ने अपनी मौसेरी बहन शिखा और उसकी सहेली खुशबू को मरवाने के लिए दो पेशेवर कातिलों को सुपारी दी थी। पुलिस पूछताछ में राहुल ने यह जानकारी दी है। पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार सुपारी किलर्स ने दोनों युवतियों को उसके सामने मारकर नहर में डाल दिया। डीसीएम का चालक भी मौके पर ही था। राहुल ने कातिलों से खुशबू को छोड़ने की बात कही थी तो बदमाश उसे मारने का ही इरादा कर चुके थे। लेकिन हत्या के लिए तय रकम पूरी न मिलने और राहुल के शांत हो जाने के बाद बदमाशों ने उसे छोड़ दिया।
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22 जनवरी को शाहजहांपुर से गजरौला में लेकर जाकर मार दी गईं दोनों युवतियों के मामले में पुलिस ने पांच अलग-अलग लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में कई अहम तथ्य मिले हैं। पुलिस पूछताछ में जानकारी मिली कि राहुल ने संभल के दो पेशेवर कातिलों से दो लाख रुपये में शिखा को मारना तय किया था। एडवांस के तौर पर एक तिहाई रकम दी जा चुकी थी और बाकी रकम हत्या के एक दिन बाद दी जानी थी। तय हुआ था कि राहुल शिखा को लेकर अपने साधन से गजरौला पहुंचे। शाम हो जाने के बाद वह नहर किनारे शिखा का काम तमाम कर देंगे। राहुल ने शिखा को बुलवाया था लेकिन उसके साथ खुशबू भी पहुंच गई। राहुल उसे भी लेकर चला गया। गजरौला में नहर किनारे रात को मोबाइल पर सूचना पाने के बाद दोनों सुपारी किलर तय जगह पर पहुंच गए। राहुल के डीसीएम से उतरने पर दोनों ने पूछा भी एक मारना एक को तय हुआ था दो क्यों लाए। पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार राहुल ने खुशबू को निर्दोष बताते हुए उसे न मारने को कहा लेकिन दोनों कातिलों ने खुशबू को यह कहकर खींच लिया कि घटना के चश्मदीद को छोड़ना नहीं है। राहुल ने छोड़ने के लिए दबाव बनाया तो उसे ठिकाने लगाए जाने की बात करने लगे। इस पर राहुल शांत हो गया वहीं पूरे रुपये न मिलने के कारण कातिलों ने भी उसे छोड़ दिया।
हत्या के अगले दिन राहुल को बाकी रकम कातिलों को देनी थी। वह शाहजहांपुर आ गया लेकिन शिखा और खुशबू के गायब होने की खबर पाकर पुलिस के सक्रिय होने के बाद कातिल उससे नहीं मिले और पुलिस ने राहुल को पूछताछ के लिए उठा लिया। पूछताछ में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर अब पुलिस को संभल के दोनों पेशेवर कातिलों, मौके का मूक गवाह रहा डीसीएम का चालक, राहुल और दोनों युवतियों को गजरौला तक इनोवा से लाने वाले चालक की तलाश है। इनकी तलाश के लिए पहले से निकली टीमों को स्थानीय पुलिस के साथ लगाया गया है। नामजद आरोपी के अलावा उसका बहनोई, दोस्त और दोस्त के मौसेरे भाई से भी पूछताछ हो रही है। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि शेष आरोपियों को रविवार तक गिरफ्तार कर लेंगे। इसके बाद तथ्य स्पष्ट होंगे।
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नहीं मिली लाशें
शाहजहांपुर। शाहजहांपुर से ले जाकर गजरौला में नहर किनारे मौत के घाट उतारे जाने के बाद नहर फेंकी गई शिखा और खुशबू की लाशें शनिवार शाम तक भी बरामद नहीं हो पाईं। सदर बाजार थाना के इंस्पेक्टर जेपी तिवारी के अनुसार, लाशों के फेंके जाने वाले स्पाट से लेकर ब्रज घाट तक शनिवार को स्टीमर से 10 चक्कर भी लगवाए लेकिन लाशें नहीं मिलीं।
सुपारी किलर बन गया था संरक्षक
शाहजहांपुर। शिखा के नाना को मारने के लिए राहुल ने पहले जिस सुपारी किलर को ठेका दिया था, वह न केवल शिखा का क्लोज फ्रेंड बन गया बल्कि शिखा की मां और नाना का भी विश्वस्त बन गया। तफ्तीश के रडार पर वह भी है लेकिन इस प्रकरण में वादी पक्ष का होने के चलते पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।
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