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यात्रियों को लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन धरे गए

Thu, 05 Nov 2015 12:19 AM IST
शाहजहांपुर।
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रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर आधी रात या उसके बाद हरदोई और सीतापुर जाने के लिए बस या ट्रेन के लिए भटकने वाले यात्रियों को सवारी दिलाने के बहाने एकांत में ले जाकर लूटने वाले गिरोह का शाहजहांपुर जीआरपी ने बुधवार भंडाफोड़ किया। इस गिरोह के तीन सदस्य धर दबोचे गए, जबकि हिस्ट्रीशीटर सरगना जितेंद्र यादव और गोविंदगंज रेलवे पुल के नीचे पागल वेश में रहने वाला उप सरगना फरार है। उनकी तलाश में टीमें दबिश देने को निकली हैं। पकड़े गए तीनों ने कुल 16 वारदातों में शामिल होने की बात कबूली है। इनमें से तीन जीआरपी से जुड़े क्षेत्र के हैं, जबकि अन्य 13 सिविल पुलिस क्षेत्र के हैं। तीनों की निशानदेही पर लूट के चार मोबाइल, चेन, चार बैग आदि बरामद हुए हैं। तीनों को कोर्ट ने जेल भेज दिया।
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गिरफ्तार तीनों अपराधी शहर के अलग-अलग हिस्से में किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। रोजाना सरगना के साथ सायं करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच ये रोडवेज से लेकर स्टेशन के बीच मिलते थे। उप सरगना रात करीब साढ़े आठ बजे संपर्क में आता था और उसी के पास चाकू, तमंचा और शिकार का गला दबाने को गमछा सरीखे सारे सामान झोले में होते थे। दिल्ली या दूरदराज शहरों से ट्रेन द्वारा यहां रात को उतरने के बाद हरदोई या सीतापुर के लिए ट्रेन या बस की जानकारी जुटाने वाले यात्रियों से ये मेलजोल बढ़ाते थे। भरोसे में आने वाले को यह हथौड़ा तिराहे पर आसानी से किफायती किराए में गंतव्य तक की सवारी दिलाने को साथ लेकर रेलवे लाइन किनारे की पगडंडी पर ले जाते थे। गोविंदगंज रेलवे ओवरब्रिज के पास ही ये शिकार पर धावा बोलते थे। भागने या विरोध करने वाले के सिर पर ये प्रहार करते थे और मार डालते एवं रेल पटरी या उसके पास ऐसे फेंकते थे कि देखने में ट्रेन से कटने या गिरने से हुई मौत लगे।
इस खुलासे में बेहतरीन कार्य के लिए शाहजहांपुर जीआरपी के कांस्टेबल हरिओम और विजय सिंह को 500-500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है। बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पकड़िया के पास गश्त के दौरान जीआरपी की टीम ने संदिग्ध हाल में कुछ लोगों को शक के आधार पर पकड़ा तो वे सकपका गए। कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर उन्होंने शाहजहांपुर में पनपे एक नए आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य होने के तौर पर जानकारी दी। फिर तो एक के बाद एक कई राज सामने आए। गिरफ्तार बादशाह शहर के खलील गरबी का निवासी है और पुराना शातिर है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज मिले और चार माह पहले ही जेल से छूटा है। पुराने डीएम कंपाउंड परिसर में रहने वाला छोटू उर्फ चिंकू और रिंकू पहली बार पुलिस की पकड़ में आए हैं। जीआरपी एसओ जयशंकर सिंह ने बताया कि इनके द्वारा मारे गए यात्रियों की पुष्टि तत्काल तो नहीं हो पाई, लेकिन शुरू की जा रही विवेचना में इसे पुष्ट करने के प्रयास होंगे।
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दो गिरोह हैं राजनीतिक
संरक्षण प्राप्त जितेंद्र के: एसओ
शाहजहांपुर जीआरपी के एसओ जयशंकर सिंह ने बुधवार को यात्रियों को लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मीडिया को बताया कि सिंधौली निवासी जितेंद्र पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसे एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष और कुछ पुलिस विभाग के लोगों का संरक्षण प्राप्त है। यह दो गिरोह चला रहा है और दोनों में कुल मिलाकर सात सदस्य हैं। पहले गिरोह में चार पुराने शातिर शामिल हैं, जो यात्रियों से इतर वाले लूट में शामिल रहते हैं। करीब तीन माह पहले इसने नया गिरोह बनाया जिसमें अपने शरीर पर तेल पोत कर घरों में चोरी करने वाले चिंकू और रिंकू को शामिल किया।
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