बुलंदशहर में हाईवे पर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में शहर के तमाम संगठनों में उबाल है। वो आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्र स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए सूबे की सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा किया। बाद में ट्रस्ट के पदाधिकारियों का शिष्टमंडल डीएम पुष्पा सिंह से मिला और उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर घटना में लिप्त आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए संगठन के संयोजक अशित पाठक ने कहा कि जिले की मां-बेटी से बुलंदशहर में हाईवे पर हुई हैवानियत से सारा देश स्तब्ध है। ज्ञापन में हाईवे रेपकांड के सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करने, तीन माह के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करने और सरकार की ओर से मजबूत पैरवी करके सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने आदि मांगों का उल्ल्लेख है। प्रदर्शन मेें अश्विनी अगिभनहोत्री, सुजीत श्रीवास्तव, पवन पांडेय, आनंद पांडेय, अशोक सक्सेना, अभिषेक दीक्षित, राकेश पांडेय, आदित्य दीक्षित, राजू मिश्रा, अंबरीश कुमार, रामेंद्र विक्रम आदि शामिल रहे।
ब्राह्मण समाज ने बुलंदशहर रेपकांड की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बलात्कारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने के साथ पूरे घटनाक्रम की सीबीआई से जांच कराने पर जोर दिया है। संगठन की बुधवार को हुई बैठक में संरक्षक पं. राजाराम मिश्रा ने घटना को शर्मनाक बताते हुए इस बारे में प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के बयान को सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण बताया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र ने कहा कि घटना की सीबीआई से जांच कराई जाए जिससे सरकार की यह शंका भी मिट जाएगी कि ऐसी घटनाआें में सपा विररोधी ताकतें लिप्त हैं। उपाध्यक्ष प्रभात रंजन पांडेय ने कहा कि मुख्य मार्गों पर ऐसी शर्मनाक घटनाएं सरकार के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगा रही हैं। बैठक में राकेश पांडेय, डॉ. केके शुक्ला, डॉ. संजय पाठक, अतुल अगिभनहोत्री, अवधेश दीक्षित, श्रीधर मिश्रा, पंकज पांडेय, शिव प्रसाद पांडेय आदि उपस्थित रहे।
बुलंदशहर हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप की घटना में लापरवाह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों समेत क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को बर्खास्त करने की मांग को लेकर शोषित समाज मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में संगठन की ओर से राष्ट्रपति के नाम इसी आशय का ज्ञापन दिया।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए संगठन के प्रांतीय महासचिव फकीरे लाल भोजवाल ने कहा कि इस जघन्य अपराधिक कुकृत्य के लिए दरिंदों को फांसी की सजा भी कम होगी। ऐसे अपराधों को रोकने में शिथिलता के लिए जितने दोषी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हैं, उतने ही जवाबदेह क्षेत्र के विधायक, सांसद और मंत्री भी हैं।
ज्ञापन में बुलंदशहर कांड के दोषी पुलिस स्टाफ के साथ-साथ क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को उनके पदों से कर्तव्यहीनता के आधार पर बर्खास्त करने की मांग की गई है। धरना-प्रदर्शन में राममूर्ति शर्मा, कालूराम रावल, लुकमानुद्दीन, चमन खां, डॉ. प्यारे लाल, रामनाथ भोजवाल, रवींद्र कुमार, राजकमल, महेंद्र कुमार, रजनीश शर्मा, ओम प्रकाश, महेश यादव, इमरान, नत्थू लाल आदि शामिल रहे।
बुलंदशहर में हाईवे पर से परिवार को बंधक बनाकर किए गए गैंगरेप के खिलाफ परशुराम सेना ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा। बुधवार को परशुराम सेना के आकाश मिश्रा और सोनू तिवारी के संयुक्त नेतृत्व में परशुराम सेना के कार्यकर्ता खिरनीबाग चौराहे पर एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में परशुराम सेना ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा पीड़ित महिलाओं को सरकार नौकरी व पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। इसके अलावा बीते दिवस लेखपाल आशुतोष अग्निहोत्री को गोली मारकर हुई लूट के मामले का खुलासा करने और संबंधित चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने की मांग की गई। इस मौके पर राम मिश्रा, चंद्र प्रकाश मिश्रा, अनिल मिश्रा, सोनू तिवारी, आकाश मिश्रा, राजू मिश्रा, संतोष उपाध्याय, आदित्य दीक्षित, संदीप तिवारी, शेखर तिवारी, कुलदीप तिवारी, अमित मिश्रा, पवन मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, अमित वाजपेयी, विजय शुक्ल, शिवम्, पवन कुमार पाठक, सुबोध मिश्रा, अभिनव कुमार, विवेक शर्मा आदि मौजूद रहे।