किसान हित की मांगों और समस्याओं पर प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की बेरुखी से भारतीय किसान मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। उन्होेंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पंचायत कर प्रदर्शन की रणनीति बनाई। वहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच, सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव से यूनियन पदाधिकारियों की वार्ता विफल रहने पर कार्यकर्ताओं ने वहीं पर डेरा डालकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
जिले की मकसूदापुर स्थित बजाज ग्रुप की चीनी मिल से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान दिलाने, बंडा थाना क्षेत्र के गांव चिकटिया निवासी शिशुपाल सिंह को क्रय की गई जमीन पर कब्जा दिलाने, पुवायां थानांतर्गत गांव लालपुर में नवाब सिंह द्वारा दर्ज कराई गई हत्या के प्रयास के मामले की रिपोर्ट में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने आदि मांगों को लेकर यूनियन के पदाधिकारी पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। इन्हीं मांगों को पूरा किए जाने को लेकर यूनियन के जिला प्रभारी मैकूलाल यादव ने दो दिन पहले डीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया था। ज्ञापन पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया, लेकिन हुआ कुछ नहीं। इसी के विरोध में यूनियन के कार्यकर्ता सोमवार को पंचायत के बहाने लामबंद हुए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष माधुरी देवी कुशवाहा आदि ने अफसरों की ढिलाई को निशाने पर लेते हुए आरपार का संघर्ष शुरू करने पर जोर दिया।
कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर प्रदर्शन किया और इसी के साथ उनका हुजूम नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट जा पहुंचा। वहां शोरशराबा सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट ने यूनियन पदाधिकारियों को वार्ता के लिए अपने कक्ष में बुला लिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मांगोें पर कार्यवाही के लिए कुछ समय मांगा, लेकिन यूनियन पदाधिकारी महज आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। करीब एक घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रहने पर कार्यकर्ताओं ने वहीं पर धरना शुरू कर दिया। धरने में योगेंद्र शाक्य, भारत सिंह, दिनेश कुमार, सियाराम शर्मा, कल्याण सिंह, अवनीश कुमार, योगेंद्र कुमार सिंह, राम बहादुर, लालाराम आदि शामिल रहे। उनके समर्थन में शिशुपाल सिंह, नवाब सिंह, विजय वर्मा, सुधीर सिंह, महेश सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रामकिशन, धर्मजीत, जवाहर लाल यादव, सुधीर सिंह चौहान, प्रयाग दत्त, डॉ. संतोष कुमार, प्रमोद वर्मा, विमलेश कुमार आदि धरना स्थल पर डटे रहे।