ट्राली में घुसी बाइक, कांवड़िया की मौत
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फर्रुखाबाद रोड पर जेके धर्मकांटा के सामने कांवड़ियों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में बाइक सवार कांवड़िया पीछे से घुस गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल से बरेली जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। दुर्घटना में उसका एक साथी भी घायल हुआ है। शहर के मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी 30 वर्षीय अनुभव वर्मा उर्फ मानू अपने साथी आशीष के साथ बृहस्पतिवार रात बाइक से फर्रुखाबाद के पांचालघाट से गंगाजल लेने जा रहे थे। रात लगभग 12:30 बजे जब वह फर्रुखाबाद रोड पर जेके धर्मकांटा के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक आगे चल रही कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्राली के अचानक रुक जाने से उसमें घुस गया। हादसे में दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्राली लेकर भाग गया। अन्य कांवड़ियों ने अनुभव को वैन से जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। घरवाले उन्हें लेकर बरेली जा रहे थे, तभी मीरानपुर कटरा के पास उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
जवान बेटे की मौत की खबर से बेहोश हुईं रजनी
चार साल पहले कैंसर से पति की हो चुकी है मौत
शाहजहांपुर। जवान बेटे की हादसे में मौत की खबर सुनकर मां रजनी बेहोश हो गईं। परिवार की महिलाओं को उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। फिर भी उन्हें दिलासा देकर चुप कराने की कोशिश की जा रही थी। रजनी के पति की चार साल पहले कैंसर से मौत हो चुकी है। जलालाबाद में हादसे का शिकार हुए अनुभव वर्मा उर्फ मानू ने एसएस कॉलेज से एलएलबी, बीपीएड किया था। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। उनसे बड़े दो भाई गौरव और वैभव सराफा कारीगर हैं। पांच जुलाई, 2013 को मानू के पिता राजेंद्र प्रसाद वर्मा की कैंसर से मौत हो गई थी। मां रजनी वर्मा को बेटे की मौत की जानकारी सुबह दी गई। रात में उन्हें बस इतना बताया गया था कि मानू को मामूली चोट लगी है, ताकि उनकी हालत न बिगड़ जाए, लेकिन सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने से पहले जब उन्हें बेटे की मौत की जानकारी दी गई, तो वह बेहोश हो गईं। परिवार और मोहल्ले की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश कर रहीं, लेकिन उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। रजनी ददरौल ब्लाक के लालपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वह रोते-बिलखते बस एक ही बात कह रहीं थीं कि कोई मेरे बेटे को वापस ला दे। मानू की मौत पर मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था।