बाघ एक्सप्रेस में 14 फरवरी की रात हुई लूटपाट की घटना के खुलासे में लगी जीआरपी टीम ने तीन लोगों से पूछताछ की। हालांकि इस संबंध में कोई खास सुबूत न मिलने की वजह से बाद में तीनों को छोड़ दिया गया। साथ ही हिदायत दी गई कि इस केस के संबंध में उन लोगों की जब भी जरूरत होगी, तो उन्हें थाने आना पड़ेगा।
14 फरवरी को अप लाइन पर जा रही बाघ एक्सप्रेस में तीन महिला यात्रियों से बदमाशों ने ट्रेन की चेन पुलिंग करके लूटपाट की थी। बदमाशों ने घटना को आंझी-शाहबाद और टोडरपुर रेलवे स्टेशन के बीच अंजाम दिया था। बदमाश तीनों महिलाओं से मोबाइल, नगदी कपड़े आदि लूट ले गए थे। इसके लिए रेलवे के एसपी ने सीओ रेलवे विमल श्रीवास्तव, शाहजहांपुर थाना के जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय और हरदोई थाना के एसओ राहुल यादव की टीम बनाकर लगाया गया था।
इस मामले में बृहस्पतिवार को हरदोई जिले के शाहबाद थाना क्षेत्र के गांव नगला भाग में रहने वाले रामविलास, प्रदीप और बुग्गल को जीआरपी ने पकड़ लिया। ये तीनों पहले भी ट्रेनों में लूटपाट और चोरी करने के मामले में जेल जा चुके हैं। जीआरपी ने उन लोगों से लूट के मामले में काफी पूछताछ की, लेकिन कोई भी लूटपाट से संबंधित कोई तथ्य न मिलने की वजह से पड़ोस के गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया।