बावरिया गिरोह ने दिया था वारदात को अंजाम, एक गिरफ्तार
चार अप्रैल को मोहल्ला कानून गोयान स्थित मंदिर के सेवादार की हत्या कर लूटपाट और सात मई को बारहपत्थर मोहल्ले लूट और कत्ल को अंजाम बावरिया गिरोह ने दिया था। इस गिरोह के सदस्य कन्नौज के रहने वाले हैं। घटना का ब्लूप्रिंट जलालाबाद के ग्राम बलऊआ निवासी शाहीन ने तैयार किया था, जिसे पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार की रात बझेड़ा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास खून से सना डंडा, लूटे हएु 7500 रुपये, एक सोने का मांग टीका, एक जोड़ी सोने की झुमकी और एक जोड़ी चांदी की तोड़ी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी शाहीन ने दोनों वारदात शामिल रहना कबूल भी किया। बावरिया गिरोह के सदस्यों में कन्नौज के तिरभा थाना क्षेत्र के रहने वाले रिज्जू, नाहीम उर्फ मेंहदी, इस्तेखार उर्फ बुलट, लड्डू उर्फ पत्थर और जमील शामिल हैं। पूछताछ में शाहीन बताया कि वह साथियों के संग चार अप्रैल को हनुमान मंदिर में सेवादार मुन्नालाल उर्फ गंगाप्रसाद की डंडे पीटकर हत्या कर दानपात्र तोड़कर रुपये, हनुमानजी का चांदी का मुकुट और चांदी के बर्तन ले गए थे। सात मई को बारहपत्थर स्थित एक मकान में घुसने पर परिवार के सदस्यों को उठने का मौका दिए बिना ही बेतरह डंडे से पीटकर घायल किया और तीन लाख रुपये लूट लिए। इस घटना में नीटू उर्फ निर्देश की मौत हो गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी शाहीन को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल दिया गया। एसपी देहात रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि जलालाबाद में इस गिरोह ने धावा बोलने से 20-25 दिन पहले फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना के जीरा गोर गांव में भी इसी तरह डकैती और हत्या की थी।कमालगंज डकैती का जेवर शाहीन के पास से बरामद हुआ है।
उत्तराखंड पुलिस को गिरोह की तलाश
शाहजहांपुर। एसपी देहात रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि शाहीन पहले भी कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका है। अपने साथियों संग इसने दूसरे प्रांतों में कई घटनाएं की हैं जिनमें हत्या व डकैती शामिल हैं। उत्तराखंड पुलिस को इसकी और इसके साथियों की बीते काफी दिनों से तलाश है।