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पढ़ भी न पाई जी भी न पाई

Tue, 22 Dec 2015 11:43 PM IST
शाहजहांपुर
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डिग्री कॉलेज में पढ़ने का सपना देखने वाली नीलम जिदंगी से भी हार गई। बरेली के एक निजी अस्पताल में मंगलवार को उसकी मौत हो गई। उसने इंटर पास करने के बाद डिग्री कॉलेज में दाखिला लेकर कुछ बनने के सपने देखे थे पर घर की माली हालत के कारण वह कॉलेज नहीं जा पाई। इससे हताश नीलम ने पांच दिसंबर को तमंचे से अपने सीने में गोली मार ली थी। उसका बरेली में इलाज चल रहा था।जलालाबाद के गांव उदरापुर में रहने वाले विश्राम सिंह की 20 वर्षीय बेटी नीलम ने इसी वर्ष इंटर की परीक्षा पास की थी। वह शाहजहांपुर के डिग्री कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन मां गंगा देवी की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण उसका दाखिला नहीं करवा पाई थी। इसी बात को लेकर नीलम की अक्सर मां गंगा देवी से अक्सर कहासुनी हो जाती थी। पांच दिसंबर को नीलम की गंगादेवी से दाखिले को लेकर कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज नीलम ने घर में रखे तमंचे से सीने पर गोली मार ली थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां हालत गंभीर होने पर परिवार वालों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने पर परिवार वाले उपचार का खर्च वहन नहीं कर पा रहे थे, तब अमर उजाला की पहल पर शाहजहांपुर अस्पताल में उसके इलाज पर आए खर्च का भुगतान करने में राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, नगपालिका चेयरमैन तनवीर खां और कचहरी के पास होटल चलाने वाले सरदार डिंपल ने मदद की थी।बाद में हालत में सुधार नहीं होने पर उसको बरेली के भोजीपुरा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था और बाद में बरेली के चौपुला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसके पेट का दोबारा ऑपरेशन किया गया। बीती रात अचानक नीलम की तबीयत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। नीलम के शव का रामगंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। नीलम की मां गंगा देवी बेटी की मौत से सुधबुध खो बैठी हैं।  
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