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छह महीने से पेंशन को भटक रही अमरजीत

Sat, 04 Apr 2015 11:53 PM IST
खुटार, शाहजहांपुर
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चार साल पूर्व नगर के तिकुनियां चौराहे पर हुए भीषण अग्निकांड में परिवार के पांच लोगों सहित आठ मौतों को अमरजीत कौर का परिवार अभी तक भूल नहीं पाया है। हादसे के बाद सभी से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं। खुद अमरजीत छह माह से वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए भटक रही हैं।
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गौरतलब है कि तिकुनियां चौराहे पर रहने वाले अमरजीत कौर के परिवार की खुशियाें पर 15 जून 2011 को ग्रहण लग गया। मकान में ही चल रहे होटल में शाम पांच बजे आग लगने से गैस सिलेंडर फट गया। जिसमें कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान अमरजीत के पुत्र सुरजीत सिंह, रंजीत सिंह, कमलजीत, पौत्र लवजीत और दलजीत, मैलानी के गांव कंधईपुर निवासी नौकर छोटेलाल, पड़ोसी मनोज और दीपू की मौत हो गई। काफी इलाज कराने के बाद पौत्र लवप्रीत आदि की जान बच सकी। हादसे के बाद तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने मौका मुआयना करने के बाद परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया, लेकिन यह भरोसा सिर्फ बातों तक ही सीमित रहा। एक साथ परिवार के पांच लोगों की मौत और घायलों के इलाज कराने में पूरी संपत्ति गवां चुके अमरजीत के परिवार के लिए कोई मसीहा बनकर सामने नहीं आ सका। अब एक पुत्र हरदीप अकेले होटल चला रहा है, जिससे बमुश्किल परिवार का भरण पोषण हो रहा है। अमरजीत का कहना है कि विभाग की उदासीनता के चलते कई चक्कर लगाने के बाद अभी तक वृद्धावस्था पेंशन तक नहीं मिल सकी है। समाजसेवियों ने इस परिवार की ओर नजरें इनायत करने की जरूरत नहीं समझी है।

पौत्री नवनीत की पढ़ाई भी हुई बंद
हादसे में सब कुछ गवां देने के बाद सुरजीत की पुत्री नवनीत कौर की पढ़ाई भी बंद हो गई है। पैसों के अभाव के कारण 2014 में इंटरमीडिएट पास होने के बाद उसका बीए में प्रवेश नहीं हो पाया। नवनीत का कहना है कि वह पढ़ाई करना चाहती थी, लेकिन कोई भी मदद नहीं मिलने के कारण वह चुपचाप होकर बैठ गई।
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