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रमन से ऐसे घात का सुखजीत को अंदेशा न था

Tue, 06 Sep 2016 11:42 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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ऐसे घात का सुखजीत को अंदेशा न था - फोटो : श्‍ााहजहांपुर उत्‍तर प्रदेश्‍ा
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फोटो नंबर 07, 08, 09 व 26 में 
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 बंडा के बसंतापुर गांव में अपने घर में बीते एक और दो सितंबर के मध्य की रात पत्नी रमनदीप कौर और बपचन के दोस्त गुरप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू द्वारा सिर कूंचकर और गला काट कर मौत के घाट उतारे गए एनआरआई सुखजीत सिंह प्रकरण में पुलिस को कई रोचक तथ्य हाथ लगे हैं। बीते कुछ माह से ब्रिटेन के डर्बीशायर में रहने वाले इस दंपति में बेतरह खटपट शुरू हो गई थी लेकिन आखिरी दम तक सुखजीत ने अपने स्तर पर किसी भी तरह यह बात दूसरों पर जाहिर नहीं होने दी। यहां तक कि बीते 22 अगस्त को मिट्ठू व अन्य को शाहजहांपुर छोड़कर लौटने के दौरान रास्ते में पत्नी द्वारा किए गए धारदार हमले में घायल होने पर भी उसने घटना के संबंध में अपनी मां से अनजान लोगों द्वारा हमला किया जाना बताया था। पत्नी से खटपट को लेकर वह चौकन्ना था लेकिन उससे अपनी हत्या करने से जैसे घात का अंदाजा नहीं था। अगर अंदाजा होता तो वह अपने सोने वाले हिस्से को भी अंदर से लॉक कर लिया होता। 
विवेचना में जुटी पुलिस को यह बात हजम नहीं हो रही कि सुखजीत नशेड़ी था और नशे में उसके द्वारा बेतरह प्रताड़ित किए जाने पर पत्नी ने ऐसा भयानक कदम उठाया। इंग्लैंड में नशा करके ट्रक डाइव करना असंभव है क्योंकि वहां कई स्तर पर लगातार चेकिंग होती रहती है। दूसरी यह कि रिश्तेदारों से मिली जानकारी के अनुसार, रमन डर्बीशायर के एक मॉल में काम करती थी। सुखजीत ने उसे साथ रहते हुए खुलकर जिंदगी जीने की छूट दे रखी थी जिसका कि नाजायज फायदा उठाया गया। बीते दिसंबर माह में पहली बार दुबई में सुखजीत अपने बचपन के दोस्त मिट्ठू से मिलने अपनी पत्नी रमन के साथ पहुंचा था। वहां दोनों दिसंबर के दूसरे पखवाड़े पर भर एक होटल में रहे जबकि मिट्ठू अपने घर पर। वहां से दंपति जनवरी के पहले सप्ताह इंग्लैंड लौट गया। वह उसने अपने लायक नहीं समझ रही थी और मिट्ठू से मेलजोल व अंतरंगता में कंर्फट महसूस करने लगी। 
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पति को मौत के घाट उतारने से पहले भारत में ही उसके दोस्त के साथ रमन की अंतरंग तस्वीरें पूरी कहानी को खुद ही बयां कर देती हैं। दो सितंबर को मृतक की मां वंश कौर ने मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को दुबई के लिए चंद दिनों पहले लौटे दोस्त की यहां रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पहली बार जानकारी दी थी जिसके बाद रमन पर पुलिस के शक की सुई अटकी।
पति के मारे जाने का गम न होना और चहकते हुए हालत में मिलना भी जांच में जुटी पुलिस टीम के लिए काफी चौंकाने वाला रहा। एसपी देहात आरके भारतीय के अनुसार, इस कांड में आरोपियों द्वारा कही गई कई बातें एकबारगी यकीन नहीं आतीं। विवेचना जारी है और जो भी तथ्य आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्यवाही होगी।
रमन ने कांसुलेट से विधिक - नगद मदद मांगी थी
शाहजहांपुर। पति की हत्या में बंडा थाना की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने पर रमनदीप कौर से ब्रिटीश कांसुलेट की प्रतिनिधि ने उससे जिला पुलिस अधिकारियों को मोबाइल पर संपर्क किया था। कांसुलेट प्रतिनिधियों में उससे कहा कि कोई जरूरत हो तो बेझिझक बताओ तो जवाब में रमन ने वकील कर देने एवं नगद राशि की व्यवस्था कराने को कहा था। उसके बाद वह कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दी गई। जेल प्रशासन के पास ब्रिटीश कांसुलेट अधिकारियों का कोई संदेशा अभी तक नहीं आया है। गिरफ्तार कर जिला मुख्यालय के लिए ले चलने से पहले तक रमन काफी खुश दिख रही थी। वह चर्चा कर थी कि जल्द ही कानूनी पचड़े से छुटकारा मिल जाएगा और फिर वह मिट्ठू संग जालंधर में जाकर शादी कर जीवन की नई पारी शुरू करेगी। 
सुखजीत की आत्मिक शांति को शुरू हुआ अखंड पाठ
पुवायां। एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या के बाद उसकी आत्मा की शांति के लिए रखे गए अखंड पाठ साहिब का पाठ मंगलवार से शुरू हो गया। मृतक की बहन बहनोई के अलावा पंजाब, उत्तराखंड और यूपी से तमाम रिश्तेदार सुखजीत के घर पहुंच चुके हैं जो रमनदीप कौर की ही चर्चा कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह शक्ल से भोली लगती थी, फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने के साथ पंजाबी भी बोलती थी और कामचलाऊ हिंदी भी समझ लेती थी। जो भी रिश्तेदार पहले रमनदीप से मिल चुका है उसे विश्वास नहीं हो रहा है कि भोले चेहरे वाली युवती इस कदर बेरहम कातिल निकलेगी। 
रिश्तेदारों के साथ खुश नजर आए बच्चे
पुवायां। सुखजीत सिंह के पुत्र अर्जुन और आर्यन इंग्लैंड में पैदा हुए और पले, बढ़े हैं। पिता की हत्या और मां के जेल जाने से दोनों उदास थे, लेकिन इंग्लैंड से बुआ कुलविंदर कौर और फूफा कुलदीप सिंह टुरना के आने के बाद दोनों उनसे मिलकर खुश हो गए। अब अन्य रिश्तेदारों के आने और हम उम्र बच्चों का साथ पाकर दोनों खुश हैं। 
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मच्छरों से परेशान है रमनदीप, फागिंग कराई
शाहजहांपुर। जिला जेल के महिला बैरक में रखी गई पति के कत्ल की आरोपी रमनदीप कौर को मच्छरों से परेशानी हो रही है। विदेशी मूल की बंदी को मच्छरजनित कोई रोग आदि न हो इसके लिए जेेल प्रशासन खासा सजग है। फागिंंग और छिड़काव कराया गया है। उस बैरक का निरीक्षण करने मंगलवार को जेल अधीक्षक बृजेेंद्र सिंह पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बैरक में सब सामान्य और अन्य बंदियों के लिए पका भोजन एनआरआई महिला बंदी भी खा रही थी। उसने खानपान या रहन सहन की व्यवस्था को लेकर कोई शिकायत या आपत्ति नहंीं की है।
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