कस्बे के गल्ला व्यापारी चंद्र प्रकाश गुप्ता के लापता 12 वर्षीय बेटे सुमित संदिग्ध हाल में शुक्रवार को हरदोई के थाना पचदेवरा क्षेत्र के गांव धर्मपुर में मिले शव का पोस्टमार्टम के बाद यहां रामगंगा किनारे शनिवार शाम को दफनाने के बाद करीब सात बजे रोडवेज बस अड्डे के सामने परिवारजनों और परिचितों ने न्याय की मांग पर जाम लगा दिया। मृतक के परिवारजनों को मुआवजा दिलाने और मौके पर डीएम को बुलाने की मांग भीड़ अड़ी तो सूचना पाकर रात को जलालाबाद की एसडीएम वंदना त्रिवेदी और सीओ आदेश त्यागी मौके पर पहुंचे। पुलिस - प्रशासनिक अधिकारियों वार्ता की लेकिन बात नहीं बनी और रात करीब सवा दस बजे दफनाए शव को निकालकर धरनास्थल पर लाकर रख दिया और ट्रैफिक जाम कर दिया। हालात बिगड़ते देख पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया है।
इस प्रदर्शन और जाम के चलते अल्हागंज से जलालाबाद को जाने वाले मार्ग पर दूरी तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। बता दें कि मोहल्ला दखिनौआ निवासी चंद्र प्रकाश गल्ला व्यापारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम उनका बेटा सुमित घर से मेला देखने के लिए निकला था। जब वह देर रात तक वापस नहीं आया तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सुबह तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। चंद्र प्रकाश ने शुक्रवार को थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी और शाम को हरदोई के थाना पचदेवरा क्षेत्र में लावारिस मिले शव की शिनाख्त सुमित के रूप हुई। मृतक के अंडकोष बाहर निकले हुए थे और जीभ कटी हुई थी एवं शरीर पर ब्लेड से कट वाले कई निशान थे। पचदेवरा थाना में ही चंद्र प्रकाश की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है और उन्होंने मूल तौर पर हरदोई निवासी अपने किराएदार पति - पत्नी पर हत्या का शक जताया है। उनका कहना है कि किराएदार तंत्र विद्या करता है और उसी क्रम में वह इनके बेटे को गंगा नहलाने के बहाने ले गया था। इस सपरिवारवालों से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पहले एसओ शाहिद अली ने प्रदर्शन पर उतारू भीड़ को समझाने का प्रयास लेकिन समय बीतने के साथ लोगों में पुलिस-प्रशासनिक रुख को लेकर नाराजगी बढ़ती गई।