लखनऊ और उन्नाव में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत के बाद अधिकारियों ने आबकारी और पुलिस महकमे को कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी पुवायां क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने का धंधा बदस्तूर जारी है।
बता दें कि क्षेत्र में कई स्थान कच्ची के लिए इतने कुख्यात है कि यहां से जिले के अलावा दूसरे जनपदों तक को सप्लाई की जाती है। खुलेआम हो रहे इस कारोबार पर पुलिस और आबकारी विभाग के एक बार भी धरपकड़ नहीं करने से सवाल उठना भी लाजिमी है। अधिकारियों ने कच्ची शराब पकड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधीनस्थों ने अधिकारियों के आदेश पर महज खानापूर्ति कर पूरा कर दिया था।
गांव भम्मापुर, रायपुर, धारा, भरतापुर, इमलिया, सतवां, ढकिया, चौसेड़ा, गंगसरा, दिउरिया, महमूदपुर सैंजनियां, रेहरिया, सुनारा, बद्रीपुर हदीरा, काेंप नवलपुर, नबावपुर, मीरपुर गंगाई, महुरेना, सिंघापुर, झबरिया, उदना, कुंवरपुर, धर्मंगदपुर आदि में कच्ची शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता है। नदी के किनारे पकड़े जाने के डर से घरों में शराब तैयार की जाने लगी है और लकड़ी की भट्ठी का स्थान गैस चूल्हे ने ले लिया है। पुलिस का कहना है कि कच्ची शराब बनने की सूचना पर कार्रवाई की जाती है। इस मामले की कोई भी सूचना दे सकता है उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।