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हादसे में किशोरी की मौत के बाद बवाल, लाठीचार्ज

Tue, 12 Apr 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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हादसे में किशोरी की मौत के बाद बवाल, लाठीचार्ज
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क्षेत्र में फर्रुखाबाद बाईपास के पास सोमवार की सुबह ट्रैैक्टर-ट्राली की चपेट में आकर साइकिल सवार किशोरी की मौत हो गई। पुलिस के रिपोर्ट न लिखने पर गुस्साई भीड़ ने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। जाम देखकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया लेकिन ट्रैक्टर चालक और मालिक का नाम नहीं दर्ज किया तो ग्रामीणों ने जाम खोलने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने अधिकारियों की मौजूदगी में महिलाओं समेत ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लाठीचार्ज में महिलाओं एक दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष घायल हो गए।  मोहल्ला बगिया निवासी शिवरतन सुबह खेत पर काम कर रहे थे। सुबह करीब पांच बजे उनकी 17 वर्षीय बेटी अंगूरी भाई आनंद के साथ साइकिल पर बैठकर उन्हें खाना देने जा रही थी। कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर फर्रुखाबाद बाईपास के पास गुरुदासपुर की तरफ से तेज रफ्तार ट्रैक्टर आ रहा था। इसके पीछे टेपर मशीन बंधी और उसके पीछे दो ट्रालियां लगी थीं। आनंद की साइकिल इनकी चपेट में आ गई और दोनों गिर पड़े। पीछे बैठी अंगूरी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आनंद घायल हो गया। घटना के बाद मृत किशोरी के परिवार वाले ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे लेकिन आरोप है कि पुलिस ने एक दलाल की शह पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे गुस्साए परिवार वाले घटनास्थल पर चले आए और ग्रामीणों के साथ सुबह करीब नौ बजे सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। बात बिगड़ती देख एसओ मौके पर पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया लेकिन उसमें ट्रैक्टर मालिक नाम दर्ज नहीं किया। इससे भीड़ का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एसओ ने इसकी सूचना सीओ आदेश त्यागी को दी। करीब एक घंटे बाद एसडीएम वंदना त्रिवेदी और सीओ आदेश त्यागी घटनास्थल पहुंच गए। वहीं ग्रामीणों की संख्या भी बढ़ने लगी। अधिकारियों को देखकर भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच अधिकारियों ने एक खाली वाहन बुला लिया और भीड़ की तरफ बढ़ने लगे। अधिकारियों की इशारे पर पुलिस कर्मियों ने शव को जबरन उठाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों और पुलिस में छीना झपटी शुरू हो गई। देखते ही देखते पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। लोग घटनास्थल से भागे लेकिन सीओ और एसडीएम ने पुलिस कर्मियों के साथ भीड़ को दौड़ा-दौड़ाकर लाठीचार्ज किया। महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। इस बीच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एक वाहन में रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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‘विधानसभा में उठाएंगे मामला’
लाठीचार्ज के बाद मौके पर पहुुंचे क्षेत्रीय विधायक बसपा के नीरज मौर्य को लाठीचार्ज में घायल हुए महादेव, द्वारिका, शिवरतन, राजकुमार, मंजू, राजवीर, लेखराज, मीना आदि ने अपनी चोट दिखाईं। महिलाओं का आरोप था कि पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज के दौरान उनके कान के कुंडल खींच लिए और कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि उसने लाश के कुंडल गायब कर दिए। विधायक ने मामले को वह विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ वह कोर्ट में जाएंगे। नगर पंचायत के चेयरमैन चंद्रेश गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि लाठीचार्ज में पुलिस के अलावा कुछ और भी लोग शामिल थे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम विजय किरन आनंद से बात की और घटना की जानकारी दी। 

घटनास्थल पर किसी प्रकार का बल का प्रयोग नहीं किया गया। ग्रामीण समझाने से मान गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना में वादी और प्रतिवादी पक्ष का समझौता हो गया है। 
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- आदेश त्यागी, सीओ जलालाबाद
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