नेशनल हाईवे पर नगरिया मोड़ के पास रविवार की सुबह कार और डंपर की भिड़ंत में अलीगढ़ के एडीजे (स्पेशल जज) गणेश शर्मा के 30 वर्षीय बेटे रोहित शर्मा की मौत हो गई, जबकि कार में सवार उनके दोस्त 30 वर्षीय संजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में परिवार वाले लखनऊ ले गए।
गाजियाबाद के कबीर नगर इलाके में विश्नु इंक्लेव में रहने वाले गणेश शर्मा अलीगढ़ में एडीजे के पद पर तैनात हैं। उनके बेटे रोहित शर्मा गाजियाबाद में रहकर पीसीएस की तैयारी कर रहे थे। रोहित के साथ गोरखपुर क्षेत्र के गांव खोराबाद निवासी संजय यादव और बहराइच में रहने वाले विकास भी कंप्टीशन की तैयारी कर रहे थे। रविवार को सभी विकास की बहन की शादी में शामिल होने जा रहे थे। शनिवार की रात रोहित और संजय दोनों कार से गाजियाबाद से निकले थे। नेशनल हाईवे पर नगरिया मोड़ से पहले उनकी कार सामने से आ रहे डंपर (ऐरा कंपनी का मिक्सर) से भिड़ गई। कार चला रहे रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्चरी में रखवा दिया। शाम करीब चार बजे रोहित की मां आशा शर्मा जिला अस्पताल पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे बाद एडीजे गणेश शर्मा भी पहुंच गए। दरअसल, श्री शर्मा आज इलाहाबाद में थे। खबर मिलने पर वह फ्लाइट से दिल्ली और फिर कार से शाहजहांपुर पहुंचे। इसके बाद शव का पंचनामा कराकर शाम को ही पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को पैतृक घर गाजियाबाद ले जाया गया।
आशा को पति ने दी बेटे की मौत की खबर
रोहित की मां आशा को खबर दी गई कि बेटा हादसे में घायल हो गया है। खबर मिलते ही वह अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ अलीगढ़ से चल दीं। वह जिला अस्पताल में करीब चार बजे पहुंच गईं। हार्ट पेशेंट होने के कारण किसी ने उन्हें नहीं बताया कि रोहित की मौत हो चुकी है। गणेश शर्मा पहुंचे तो उन्होंने पत्नी को बेटे की मौत की खबर दी। इसके बाद दोनों को शव दिखाया गया।
इकलौते बेटे का शव देखकर सुधबुध खो बैठीं आशा
रोहित अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। आशा ने जब अपने इकलौते बेटे का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। गणेश शर्मा और रिश्तेदारों ने आशा को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की नहीं सुन रही थीं।
इमरजेंसी के लिए डॉक्टर थे तैयार
जिला अस्पताल के डॉक्टरों को बताया दिया गया था कि एडीजे गणेश शर्मा और उनकी पत्नी हार्ट की मरीज हैं। इसलिए डॉक्टरों की एक टीम को पहले से ही तैयार रखा गया था ताकि कोई अनहोनी होने पर तुंरत कंट्रोल किया जा सके।
सीजेएम और अधिकारी रहे मौजूद
घटना की खबर मिलते ही सीजेएम शैलेंद्र पांडेय जिला अस्पताल में पहुंच गए। उनके साथ कलेक्ट्रेट के कई अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे।
तीनों में थी बहुत गहरी दोस्ती
राहुल, संजय और विकास में गहरी दोस्ती थी। तीनों एक साथ रहकर पीसीएस की तैयारी कर रहे थे। मंगलवार को विकास की बहन की शादी है, लिहाजा वह पहले ही अपने घर चले गए थे। रविवार को रोहित और संजय समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे। हादसे की खबर सुनकर विकास बहराइच से यहां पहुंचे।
संजय को उनके पिता ले गए लखनऊ
संजय के पिता कानपुर में एसआई पद पर कार्यरत हैं। हादसे की खबर सुनकर वह दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। संजय के भी सिर में गंभीर चोटें आईं है। डॉक्टरों के परामर्श वह संजय को लखनऊ ले गए।