क्षेत्र के गांव इनायतपुर स्थित सुखवीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड कारखाने में शनिवार रात एक बजे 60 टन भंडारण क्षमता वाला टैंक तेज धमाके से फट गया। इससे एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई और पांच घायल हो गए। टैंक फटने से फैक्ट्री की एक दीवार भी दरक गई। बीम भी टेड़ा हो गया। आसपास के गांवों तक धमाका सुना गया। इससे हड़कंप मच गया। पांच लोगों की मौत की अफवाह से क्षेत्र में सनसनी रही।
कई टन धान रोज कुटाई करने वाले इस कारखाने में जापानी तकनीक से चावल तैयार किया जाता है। पूरा प्लांट ऑटोमैटिक है। चावल के भंडारण के लिए 12 बड़े टैंक जमीन से दो फीट की ऊंचाई पर लगे हुए हैं। शनिवार रात टैंक नंबर दो के पास पूरनपुर के गांव खमरिया के ठेकेदार सोहनलाल के श्रमिक चावल को बोरियों में भरने का काम कर रहे थे। चाय का समय होने के कारण कुछ श्रमिक पास में ही चाय पीने चले गए। इस बीच तेज धमाके की आवाज हुई और दो नंबर टैंक फट गया। टैंक की लोहे की चादरों ने पास की दीवार को भारी नुकसान पहुंचाया और चावल दूर तक बिखर गया।
धमाके की आवाज से कारखाने में हड़कंप मच गया। दूसरे स्थान पर काम कर रहे श्रमिक दौड़कर मौके पर पहुंचे तो टैंक के पास कई श्रमिक बेहोश पड़े मिले। सूचना पर कारखाना प्रबंधक के लोग भी मौके पर पहुंचे। टैंक से दबकर गांव पूरनपुर क्षेत्र के गांव खमरिया के 26 वर्षीय कमलेश की मौके पर ही मौत हो गई। जेसीबी टैंक को हिलाने तक में नाकाम रही। इसके बाद खुटार से क्रेन मंगाकर टैंक को हटाकर शव निकाला गया। प्रबंधन ने हादसे में घायल खमरिया के ही जगदीश, श्रीपाल, रामस्वरूप, जमुना प्रसाद और पुवायां के गांव बिलसिया के पप्पू को शाहजहांपुर में दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई। मृतक के परिवार वालों को बुलाकर उन्हें शव के साथ घर भेज दिया गया। कारखाने में काम कर रहे श्रमिकों और कर्मचारियों को भी छुट्टी दे दी गई।
सुबह की पाली वाले श्रमिक और कर्मचारियों को वापस लौटा दिया गया और सिक्योरिटी बेहद टाइट कर दी गई। सुबह नौ बजे मीडिया से जानकारी पाकर कोतवाली प्रभारी यतेंद्र बाबू भारद्वाज, सीओ उमेश शर्मा, एसडीएम लालबहादुर कारखाने पहुंचे और मामले की जांच की। इसके बाद कारखाने के एचआर हेड अजय वत्स ने पुलिस को तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सूचना दर्ज कर ली गई है।
चाय ने बचा दी कई
लोगों की जान
पुवायां। रात में दो नंबर टैंक के पास काम कर रहे 20 श्रमिकों में अधिकांश चाय पीने चले गए थे। यदि सभी काम कर रहे होते हो बड़ा हादसा हो सकता था। मृतक के साथी श्रमिक घटना के संबंध में कोई बात करने को तैयार नहीं हैं। चर्चा है कि उन्हें कोई भी जानकारी बाहर नहीं देने की सख्त हिदायत दी गई है। मीडिया के लोगों को भी काफी जद्दोजहद के बाद अंदर जाने दिया गया।
कई दिन तक बंद रहेगी फैक्ट्री
पुवायां। जानकारों की माने तो हादसे के बाद फैक्ट्री में कई दिन तक काम नहीं हो सकेगा। हादसा होने के पीछे टैंक में क्षमता से ज्यादा चावल भर जाना माना जा रहा है। हालांकि मिल प्रबंधन इससे इंकार कर रहा है। चावल सप्लाई लाइन सहित इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। दिल्ली से इंजीनियरों के आने के बाद नुकसान का आंकलन हो सकेगा।
फैक्ट्री प्रबंधक के खिलाफ
कार्रवाई न होने पर सवाल
पुवायां। सुखबीर एग्रो में हुए हादसे के बाद प्रबंधन ने घटना को दबाने का पूरा प्रयास किया। पुलिस को हादसे की जानकारी साढ़े आठ बजे सुबह लग सकी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सूचना पर उन्होंने कारखाने के जीएम एमसी मिश्रा को फोन किया तो उन्होंने खुद को बरेली में होना बताकर घटना की जानकारी से इंकार कर दिया। आधे घंटे बाद पुलिस कारखाने पहुंची तो जीएम मिल परिसर में ही टहलते मिले। पुलिस और प्रशासन का रवैया इस मामले में बेहद लचर रहा। घटना के बाद पुलिस को सूचना नहीं देने, बिना पोस्टमार्टम श्रमिक का शव उसके घर भिजवा देने और पुलिस को गुमराह करने के बाद भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
फैक्ट्री प्रबंधन देगा
पांच लाख की मदद
पुवायां। मृत श्रमिक के परिवार के लोगों को कारखाना प्रबंधन की ओर से पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। एसडीएम लालबहादुर ने बताया कि यह जानकारी उन्हें मिल प्रबंधन की ओर से दी गई है। उधर, एएसपी आशाराम यादव ने मिल पहुंचकर मौका मुआयना किया और घटना के बारे में जानकारी ली।