क्षेत्र के गांव ऐंठापुर के पास शनिवार की रात हुए हादसे में मौत का शिकार हुए 32 वर्षीय हृरदेश और उनके हमउम्र राजेश रिश्ते में मौसेरे भाई थे। दोनों की मौत से घर में कोहराम मच गया। रविवार को पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया है।
क्षेत्र के गांव मिर्गापुर में रहने वाले हृदयेश मौसेरे भाई राजेश के साथ शनिवार को शहर में अपनी गाड़ी जाइलो की सर्विस कराने आए थे। देर शाम दोनों शहर से निकले थे। हरदोई रोड पर गांव ऐंठापुर के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर उनकी गाड़ी खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त था कि गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी में फंसे हृदयेश और राजेश को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे की खबर सुनकर मौके पर मृतकों के परिवार वाले पहुंच गए थे।
पत्नी, दो बेटियों को बिलखता छोड़ गए हृदयेश
हृदेयश की करीब सात साल पहले मोहम्मदी में रहने वाली नीतू से शादी हुई थी। शादी के बाद हृदेयश के यहां दो बेटियों पांच वर्षीय पल्लवी और दो वर्षीय अनन्या का जन्म हुआ था। हृदेयश की मौत से नीतू पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। वहीं मां नीलम भी बेटे की मौत से बेसुध हो गईं।
राजेश थे इकलौते बेटे
मुन्नालाल के इकलौते बेटे थे राजेश। एक बेटी सोनी की वह पहले ही शादी कर चुके हैं। राजेश की मां की मौत उनके जन्म के समय ही हो गई। राजेश की मौत से मुन्नालाल बेहाल हैं। राजेश अपने मौसेरे भाई हृदयेश की गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करते थे।