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पुलिस चौकी घेरकर हत्या के प्रयास के आरोपी को छुड़ाया

Fri, 12 Aug 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
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पु‌ल‌िस
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खाकी के इकबाल पर एक बार फिर से गुंडे भारी पड़े हैं। हत्या के प्रयास में नामजद एक आरोपी को सिपाहियों ने पकड़ा तो गांव के कुछ लोगों ने पुलिस चौकी घेरकर सिपाहियों से जमकर गाली गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया। सिपाहियों ने चौकी का कमरा बंद कर खुद को बचाया। लोग आरोपी को पुलिस से छुड़ा ले गए। दिन में 11 बजे हुई घटना के बाद खुटार थाने से आठ किमी दूर चौकी पर एसओ दो एसआई और चार सिपाही लेकर दोपहर तीन बजे गांव पहुंचे। चौकी के आरोपी को छुड़ा ले जाने की फजीहत से बचने के लिए अब एसओ कह रहे हैं कि आरोपी को पकड़ा ही नहीं गया था। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी नहीं दी गई। एक तरफ एसओ का कहना है कि सिपाहियों ने तौफीक के देखे जाने की सूचना दी थी, इसलिए उसे पकड़ने गया था। वहीं गांव जाने के बाद वह प्रधान के घर से ही लौट आए। सूत्रों का कहना है कि मामले में एक पूर्व सांसद आरोपियों की पैरवी कर रहे हैं, इसलिए पुलिस मामले को दबा रही है।
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आरोपी के खिलाफ बिजली विभाग के अधिकारियों ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। कैमहरिया चौकी पर तैनात सिपाही रमेश कुमार ने अंडर ट्रेनिंग सिपाही के साथ शुक्रवार को तौफीक को धर दबोचा और चौकी ले आया। सिपाही के अनुसार कुछ ही देर में लगभग सौ लोगों ने आकर चौकी घेर ली और गाली गलौज करते हुए उन लोगों से मारपीट का प्रयास किया। लोग धक्कामुक्की करते हुए तौफीक को जबरिया छुड़ा ले गए। लोगों की भीड़ देखकर सिपाहियों को चौकी के भवन में छिपकर जान बचाई। लोगों के जाने के बाद चौकी के सिपाही बाहर निकले और फोन किया। सिपाही बेहद भयभीत हैं लेकिन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं गांव के कई लोगों ने चौकी पर हंगामा किए जाने की पुष्टि की है। सिपाही इतने डरे हुए हैं कि वह शुक्रवार रात थाने आ गए। 
चौकी से आरोपी को छुड़ाए जाने पर मामले की जानकारी सिपाहियों ने तत्काल ही एसओ इफ्तेखार अहमद को दी लेकिन एसओ चार घंटे बाद तीन बजे मौके पर पहुंचे। एसओ ने चौकी पर सिपाहियों से बात की और गांव में प्रधान के घर जाकर बैठ गए। चौकी से आरोपी को छुड़ाए जाने के मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने से चौकी पर तैनात सिपाहियों का मनोबल भी गिरा है।
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यह था मामला
गंगसरा बिजली केंद्र के जेई आरपी यादव को सूचना मिली थी कि गांव कैमहरिया में बिजली चोरी कर नलकूप चलाया जा रहा है। सूचना पर जेई ने टीम के साथ 29 जून को चेकिंग की तो दो नलकूप चोरी की बिजली से चलाए जाते मिले। इस दौरान नलकूप स्वामी भी मौके पर आ पहुंचा। आरोप है कि उसने बिजली विभाग की टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जाने से मारने की प्रयास किया। टीम के लोगों ने भागकर जान बचाई थी। इस दौरान एक घंटे तक बिजली विभाग की टीम को खेतों में दौड़ाया गया। सूचना पाकर एसडीओ गौरव शर्मा, पुवायां के जेई जीडी जोशी सहित तमाम अधिकारी भी खुटार थाने पहुंचे थे और तौफीक आदि के खिलाफ बिजली चोरी, हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, हत्या का प्रयास आदि की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

तौफीक हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में वांछित है। सिपाही ने तौफीक के देखे जाने की सूचना दी थी। मैं उसकी तलाश में गया था। तौफीक पकड़ा ही नहीं गया तो चौकी घेरे जाने और सिपाहियों से गाली गलौज कर उसे छुड़ाए जाने की बात निराधार है। सिपाही ने भी आरोपी के छुड़ाए जाने की कोई जानकारी नहीं दी है। 
- इफ्तेखार अहमद, थानाध्यक्ष खुटार 

मुझे इस मामले में कोई जानकारी दी गई है। मैं पता कराता हूं? 
डा. मनोज कुमार, एसपी 

कैमहरिया के कुछ लोगों को कानून पर विश्वास नहीं
पुवायां। कैमहरिया में पुलिस चौकी है, लेकिन यहां तैनात दरोगा आदि खुटार थाने में ही रहते हैं। नाम के लिए चल रही चौकी पर तैनात स्टाफ पर गांव कैमहरिया के कुछ गुंडा तत्व हावी रहते हैं और मनमाना कार्य नहीं होने पर गाली गलौज कर धमकाते रहते हैं। 
मुस्लिम बहुल गांव कैमहरिया में दो गुट हैं और दोनों गुटों के बीच हमेशा विवाद चलता रहता है। दोनों गुट कई बार भिड़ चुके हैं और इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैैं, लेकिन इसके बाद भी कोई भी गुट किसी से दबने को तैयार नहीं है। गुटबाजी के चलते दोनों की ओर के लोग पुलिस पर हावी होने का प्रयास करते रहते हैं। लगभग दो माह पूर्व चौकी के सिपाही ने गांव के एक युवक की बाइक के कागजात चेक किए थे। इसको लेकर युवक ने सिपाही से जमकर गाली गलौज किया था। सिपाही से गाली गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। 
गांव के कई लोग कानून व्यवस्था में विश्वास नहीं रखकर दबंगई और गुंडई पर उतारू रहते हैं। यही कारण है कि बिजली चोरी की सूचना पर गई टीम को एक घंटे तक खेतों में दौड़ा दौड़ाकर ट्रैक्टर से कुचलकर माने का प्रयास किया गया, लेकिन गांव के किसी भी व्यक्ति ने टीम के लोगों को बचाने का प्रयास नहीं किया। वर्तमान समय में भी कोटेदार को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष कोटेदार के खिलाफ तो दूसरा पक्ष में धरना प्रदर्शन कर ताकत दिखा रहे हैं।
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