आपराधिक घटनाओं में रेल यात्रियों की मदद के लिए जीआरपी के साथ डायल 100 भी दौड़ेगी। लखनऊ जीआरपी अनुभाग के सभी थानों को एक दिसंबर से इससे जोड़ दिया गया है। जीआरपी थाना शाहजहांपुर को भी मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी) मिल गया है। जैसे ही कोई रेल यात्री यूपी 100 पर कॉल करता है। नंबर के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस होने के साथ यूपी 100 और जीआरपी एमडीटी के जरिए मूवमेंट में आ जाएंगे। चलती ट्रेनों में भी कॉलर की लोकेशन ट्रेस होती रहेगी। जरूरी होने पर जीआरपी रास्ते में ट्रेन को रुकवा भी सकती है। मंगलवार को जीआरपी थाने का निरीक्षण करने पहुंचे सीओ केके शुक्ला ने यह बात बताई।
यूपी 100 की सेवा अब तक सिविल पुलिस पर ही उपलब्ध थी। इसे विस्तार देते हुए अब जीआरपी को भी यूपी 100 से जोड़ दिया गया है। लखनऊ अनुभाग से पहले जीआरपी के कई अनुभाग यूपी 100 से जोड़कर सफल ट्रायल के बाद लखनऊ अनुभाग को जोड़ने के साथ अनुभाग की सीमाओं और रेलवे सेक्शन का नक्शा डायल 100 को दे दिया गया है। सीओ जीआरपी केके शुक्ला ने बताया कि जीआरपी के पास स्टाफ की कमी है। इस वजह से कई ट्रेनों में स्क्वॉड नहीं रहता। स्टाफ बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव लंबित हैं। यूपी 100 से जीआरपी को जोड़े जाने के बाद काफी हद तक रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। यूपी 100 से जुड़ने के बाद रेल यात्रियों के साथ अपराध की सूचना मिलने पर जीआरपी ट्रेन के साथ-साथ मूवमेंट कर सकेगी। चलती ट्रेन को चेन पुलिंग कर रोकने के बाद अपराध करने वाले भाग नहीं सकेंगे। लखनऊ अनुभाग के जीआरपी थानों में यूपी 100 का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है।
तिलहर, बीसलपुर स्टेशन पर बनेंगी जीआरपी चौकियां
शाहजहांपुर। जीआरपी लखनऊ अनुभाग का कार्यक्षेत्र काफी बड़ा है। इसके हिसाब से जीआरपी में स्टाफ और चौकियां काफी कम हैं। कई इलाके जीआरपी चौकी न होने से पहुंच से दूर रहते हैं। पीलीभीत में बीसलपुर रेलवे स्टेशन और शाहजहांपुर में तिलहर रेलवे स्टेशन ऐसे ही स्टेशन हैं जहां से रोज काफी संख्या में यात्री ट्रेनों में चढ़ते-उतरते हैं। बीसलपुर और तिलहर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकियों की स्थापना प्रस्तावित है। सीओ जीआरपी लखनऊ अनुभाग केके शुक्ला ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि इसे जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।
विवेचनाओं की गुणवत्ता परखी, दिशा-निर्देश दिए
शाहजहांपुर। सीओ केके शुक्ला ने जीआरपी थाने के निरीक्षण के दौरान लंबित विवेचनाओं की जानकारी ली। विवेचनाओं की गुणवत्ता को परखा और जरूरी दिशा निर्देश दिए। अभिलेख, शस्त्रों का रख-रखाब देखा। इस दौरान इंस्पेक्टर अरविंद पांडेय, एसआई प्रमोद कुमार, कांस्टेबल संतोष कुमार समेत अन्य स्टाफ से भी उन्होंने बात की।