खुटार (शाहजहांपुर) एक पखवाडे़ पहले झगड़े में घायल युवक की इलाज के दौरान पीलीभीत में मौत हो गई। झगड़े के दिन सूचना पाकर पुलिस आरोपियों के साथ ही पीड़ित को भी पकड़ लाई और लेकिन घटना की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। कार्रवाई नहीं होने और घायल इकलौते पुत्र के चारपाई पकड़ लेने से पिता सकटेलाल की सदमे से मौत होने के चार दिन बाद घायल पुत्र ने भी दम तोड़ दिया है। इससे घर में कोहराम मचा हुआ है।
गांव कुसुमा निवासी 26 वर्षीय शिवसागर मानसिक रूप से परेशान था। मां फूलमती ने बताया कि शिवसागर उनका इकलौता पुत्र था। 27 जनवरी को गांव के ही कुछ लोगों ने पानी भरने के विवाद में शिवसागर को पीटकर घायल कर दिया था। सूचना पाकर पुलिस गांव पहुंची, लेकिन आरोपियों के साथ ही पुत्र को भी पकड़ ले गई। पुत्र के घायल होने की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। घायल शिवसागर का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। 27 जनवरी की रात शिवसागर और आरोपियों को छोड़ दिया गया। इसके बाद से उनका पुत्र चारपाई पर पड़ा था। गरीबी के कारण वह लोग शिवसागर का इलाज नहीं करा सके।
फूलमती के अनुसार इकलौते पुत्र का इलाज नहीं करा पाने के गम में उसके पति सकटेलाल की चार दिन पहले सदमे से मौत हो गई। इसके बाद रिश्तेदारों ने चंदा कर शिवसागर को इलाज के लिए पीलीभीत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार रात शिवसागर ने भी दम तोड़ दिया। शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने इंकार कर दिया। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी तो पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। शिवसागर के परिजनों में पुलिस के प्रति रोष है।
मजदूरी से होती थी गुजर बसर
खुटार। मृतक शिवसागर केे चचेरे भाई मुरारीलाल ने बताया कि उसके चाचा सकटेलाल को कुछ माह पूर्व लगवा मार गया था। इसके बाद वह काम नहीं कर पाते थे। शिवसागर मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता था। घायल होने के बाद शिवसागर ने भी चारपाई पकड़ ली थी। गरीबी के कारण शिवसागर का इलाज भी नहीं हो पा रहा था। इससे चाचा सकटेलाल परेशान थे। सदमे के चलते उनकी मौत हो गई। सकटेलाल की मौत की जानकारी पाकर रिश्तेदार आए तो उन्हें शिवसागर के इलाज नहीं हो पाने का पता चला तो आपस में चंदा कर शिवसागर को पीलीभीत ले जाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
झगड़े की सूचना पर 27 जनवरी को दोनों पक्ष थाने लाए गए थे। शिवसागर के ज्यादा चोटें प्रतीत नहीं हो रही थीं और वह सवालों का ठीक से जवाब भी नहीं दे रहा था, इस कारण कार्रवाई नहीं की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण पता लगने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बिरजाराम एसओ खुटार