जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बृहस्पतिवार रात प्रधान व उसके पुत्र पर अंधाधुंध फायरिंग कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर देने के मामले में पुलिस ने प्रधान के चचेरे भाई की तहरीर पर पूर्व प्रधान व उनके दो पुत्रों समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इस मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, घायल प्रधान की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने शुक्रवार को उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
प्रधान के चचेरे भाई राकेश की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव स्थित खलिहान की करीब चार बीघा जमीन पर गांव के पूर्व प्रधान रामनिवास यादव ने काफी समय से कब्जा कर रखा था। उसके भाई प्रधान रनवीर की शिकायत पर प्रशासन ने दो दिन पहले नाप-जोख कराने के बाद उस जमीन को खाली करने के आदेश रामनिवास को दिए थे। इससे नाराज रामनिवास ने प्रधान को देख लेने की धमकी दी थी। बताया कि बृहस्पतिवार रात प्रधान रनवीर अपने पुत्र रंजीत व गांव के ही सत्यपाल के साथ खेत से बोरिंग कराकर घर को लौट थे। इस दौरान गांव से कुछ पहले रास्ते में घात लगाए बैठे रामनिवास, उसके पुत्र आरेंद्र व पुष्पेंद्र, भतीजे सरदीप के अलावा गांव के ही इंचार्ज, अरविंद ने अपने पांच अज्ञात साथियों के साथ घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इससे प्रधान व उनके बेटे रंजीत के शरीर में कई गोलियां लगीं। कोतवाल संजय कुमार में बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई धाराओ में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पूर्व प्रधान ने जमीन के लालच में अपने अविवाहित भाई वासुदेव की वर्ष 2017 में हत्या करवा दी थी। खुलासा होने पर उसे जेल भी जाना पड़ा था।