बंडा। घरेलू कलह के कारण 30 जनवरी को शारदा नहर में कूदने वाली आसना शुक्ला का शव बृहस्पतिवार को नौवें दिन नहर के किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। इससे आसना के जीवित होने की उम्मीद लगाए परिवार के लोगों में कोहराम मच गया है।
गौरतलब है कि 30 जनवरी को पीलीभीत के कसबा बिलसंडा के मोहल्ला हाथीखाना के प्रवीण शुक्ला की पुत्री 19 वर्षीय आसना शुक्ला का परिवार में विवाद हो जाने के कारण वह सुबह छह बजे बंडा के गांव मकसूदापुर में शारदा नहर पर पहुंची थी और मोबाइल को पुल पर रखकर नहर में छलांग लगा दी थी। आसना बिलसंडा में ही एक कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। घटना के बाद से ही आसना की तलाश की जा रही थी, लेकिन उसका पता नहीं चल सका था। कई दिन तक शव न मिलने पर परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि हो सकता है आसना किसी तरह बच गई हो।
बृहस्पतिवार को बकरी चराने वालों ने शव को नहर के किनारे झाड़ी में फंसा देखा। चर्चा होने पर आसना के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। इसके बाद परिवार के लोग शव को घर ले गए। बंडा के कार्यवाहक प्रभारी रूप नारायण ने बताया कि उन्हें शव मिलने की जानकारी नहीं है।