फोटो-25,पुवायां के मृतक बाबूराम का फाइल फोटो
फोटो-26,काला मठ मंदिर के पास बिखरा पड़ा खून
फोटो-27मौका मुआयना करते सीओ बलदेव सिंह खनेड़ा
धार्मिक स्थल पर वृद्ध की ईंट से कूच कर हत्या
घटना को अंजाम दे कोतवाली में जाकर सो गया आरोपी
शुक्रवार सुबह जानकारी मिलने पर फैली सनसनी
हत्यारोपी की दिमागी हालत ठीक नहीं, कोतवाली में किया उत्पात
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां (शाहजहांपुर)।
नगर से सटे काला मठ मंदिर में बृहस्पतिवार रात दिमागी रूप से परेशान चल रहे एक व्यक्ति ने वृद्ध की ईंट से कूच कर हत्या कर दी। हत्या का आरोपी शुक्रवार दोपहर कोतवाली में ही सोता पाया गया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली है। आरोपी ने कोतवाली में काफी देर तक जमकर हंगामा किया।
नगर के पूरब की ओर मोहल्ला छावनी के पास कालामठ मंदिर परिसर में बाग और घनी झाड़ियां हैं। यहां अंतिम संस्कार के अलावा, दसवां आदि कार्यक्रम भी होते हैं। छावनी का ही 80 वर्षीय बाबूराम मंदिर परिसर में ही अकेला रहता था। शुक्रवार सुबह छह बजे मोहल्ला छावनी का ही रामसहारे सफाई करने मंदिर पर पहुंचा तो बाबूराम का खून से लथपथ शव पड़ा देख शोर मचाता हुआ भाग खड़ा हुआ और मोहल्ले में आकर लोगों को हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बाबूराम के परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। मृतक के पुत्र विमलेश की सूचना पर पुलिस में खलबली मच गई। अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही खुटार, बंडा और सिंधौली से भी पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने मृतक के परिवार वालों से जानकारी लेने के बाद शव कब्जे में ले लिया। जिला मुख्यालय से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और खोजी कुत्ते को लेकर ट्रेनर मौके पर पहुंचे। टीम ने मौके से सबूतों को एकत्र किया। खून से सनी ईंट, आदि को कब्जे में ले लिया गया है। मृतक के पुत्र विमलेश कुमार ने किसी रंजिश से इंकार करते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी और एक पागल युवक पर हत्या का शक जताया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इधर, शुक्रवार दोपहर हत्या का आरोपी कोतवाली में ही सोता पाया गया। उसके कपड़े खून से सने हुए थे। उसने अपना नाम ननकाई लाल और पता खुटार के गांव लक्ष्मीपुर का बताया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो ननकाई ने थाने में काफी देर तक जमकर उत्पात मचाते हुए पुलिस को खूब छकाया। शांत होने पर ननकाई ने पुलिस को बताया कि वह रात में मंदिर लेटा हुआ था तो बाबूराम उसे मारने लगा और डंडा मेरी गर्दन पर रख दिया। मैंने उसके पैर छू लिए और माफी मांगी जिस पर उसने मुझे छोड़ दिया। जब वह रात में सो गया तो मैंने डंडा उठाकर उसके सिर पर मारा, इसके बाद पास में ही पड़ी ईंट से चेहरे पर वार करके मार डाला। पुलिस ननकाई के परिवार के लोगों से ज्यादा जानकारी करने का प्रयास कर रही है। एएसपी ने भी ननकाई लाल से पूछताछ की है।
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ननकाई ने थाने में काटा जमकर हंगामा
पुवायां। कोतवाली में सोता हुआ मिलने के बाद ननकाई लाल की धोती आदि पर खून लगा देख पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो ननकाई ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वह अपना अंडरवियर उतारकर कोतवाली में ही शौच करने की बात पर अड़ गया। उसे बमुश्किल कपड़े पहनाए गए तो वह पत्नी को मौके पर बुलाने की जिद करने लगा। उसने एक घंटे तक पुलिस को खूब छकाया। पूछताछ के बाद ननकाई लाल पुलिस से कहने लगा कि उसने हत्या की है तो उसे भी गोली मार दी जाए।
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फोटो-28,कोतवाली में सो रहा ननकाई लाल
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साबित हो गया रामभरोसे है कोतवाली की सुरक्षा
0 खून से सनी धोती पहनकर कोतवाली में घुस गया ननकाई
0 पुलिस को नहीं लगी खबर, सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न
पुवायां। हत्या के बाद खून से सने कपड़ों सहित ननकाई का कोतवाली पहुंचकर आराम से मसो जाना यह साबित करता है कि कोतवाली की सुरक्षा रामभरोसे ही है। ननकाई हत्या के बाद किस समय कोतवाली आया इसकी जानकारी किसी पुलिसकर्मी को नहीं है। बड़ा सवाल है कि ननकाई के कोतवाली आने के समय पहरे पर रहने वाला गार्ड कहां था। उसने ननकाई को कोतवाली में घुसने से क्यों नहीं रोका। यदि कोतवाली में कोई भी पुलिस की जानकारी में आए बिना घुस सकता है तो वहां रखे अभिलेख, हथियारों आदि की सुरक्षा को भी खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है। ब्यूरो
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फोटो-29,ननकाई लाल का पुत्र अपने परिवार के साथ
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ननकाई का तीन वर्ष से चल रहा था दिमागी इलाज
0 कुछ दिन से मचा रहा था ज्यादा उत्पात, घर के लोगों ने दिया था बांध
0 चार दिन पूर्व दीवार फांदकर घर से भागा था ननकाई
0 साढ़े चार एकड़ जमीन भी है नाम
खुटार। गांव लक्ष्मीपुर के जिस ननकाई लाल ने पुवायां के काला मठ पर बाबूराम की हत्या की है, उसका तीन वर्ष से दिमागी इलाज चल रहा है। कुछ दिन से ननकाई ज्यादा उत्पात मचा रहा था, जिस कारण परिवार के लोगों ने उसे बांध दिया था।
ननकाई लाल के नाम पट्टे की लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन है। तीन वर्ष पूर्व ननकाई का दिमागी संतुलन बिगड़ा तो पत्नी रामवती और इकलौते पुत्र रामकिशोर ने उसका इलाज कराना शुरू कर दिया। इलाज से कुछ राहत मिली, लेकिन ननकाई लाल पूरी तरह से ठीक नहीं हो सका। इस समय उसका इलाज लखनऊ के डॉ. सम्यक तिवारी के यहां से चल रहा था। रामकिशोर ने बताया कि उसके पिता ने आज तक किसी पर हमला आदि नहीं किया, लेकिन कुछ दिन से वह ज्यादा हंगामा कर रहे थे। शिकायतें मिलने पर उसने उन्हें घर में बांध दिया था, लेकिन चार दिन पूर्व वह पैर खोल कर घर की दीवार फांदकर भाग निकले थे। तब से ननकाई का कोई पता नहीं चल रहा था।
रामकिशोर के अनुसार उसके पिता दवा आदि कम खाते थे और दवा देने पर कहते थे कि उन्हें जहर देकर मारने की साजिश रची जा रही है। परिवार के लोग ननकाई की चाय आदि में दवा मिलाकर दे देते थे। रामकिशोर ने बताया कि गेहूं की कटाई में व्यस्त होने के कारण वह पिता की तलाश नहीं कर सका।