खुदागंज (शाहजहांपुर)। चार दिन पहले संदिग्ध हालात में आग से झुलसी विवाहिता ने बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसके पिता ने ससुरालियों को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि इस मामले में मृतका के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
क्षेत्र के गांव दीपपुर निवासी रियासत खां ने बताया कि उसने 28 वर्षीय बेटी शिवली का निकाह छह साल पहले खुदागंज कस्बे के मोहल्ला गढ़ी निवासी अकरम खां उर्फ ललुआ के साथ किया था। उसकी बेटी ने इस दौरान दो बच्चों को जन्म दिया। इनमें तीन साल की बेटी गुड़िया और डेढ़ साल का बेटा मोनू है। इसके बाद भी ससुराल वाले उसकी बेटी को बेवजह आए दिन प्रताड़ित करते रहते थे। उसने कई बार बेटी के ससुरालियों को समझाया कि बेटी को तंग न करें, लेकिन वे लोग फिर भी नहीं माने। ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने चार दिन पहले खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। बेटी ने शुक्रवार सुबह बरेली के प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया। पीड़िता पिता ने बताया कि बरेली में बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद वह बेटी के ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर देगा।