फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो सगे भाइयों समेत दस अपराधी छह माह को जिला बदर

विज्ञापन
बदमाश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शाहजहांपुर। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण समाज की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन चुके शहर के दो सगे भाइयों समेत जिले के दस अपराधियों को एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने एसपी की संस्तुति पर गुंडा एक्ट अधिनियम की धारा 3(1) के तहत छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश पारित किए हैं। हालांकि, इनमें से कई अपराधियों की पैरवी उनके आसपास रहने वाले संभ्रांत लोगों ने की, लेकिन उनकी सिफारिश पर आपराधिक कृत्य भारी पड़ गए। जिला बदर किए गए अपराधियों पर गोवध निषेध अधिनियम, हत्या के प्रयास, बलवा, लूट, मारपीट आदि के मामले विभिन्न थाना क्षेत्रों मेें दर्ज हैं।
विज्ञापन

जिला बदर किए गए अपराधियों में मदनापुर क्षेत्र के गांव समसीपुर निवासी ओमपाल पुत्र मनोहर, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला महमंद जंगला निवासी तन्नू पुत्र सद्दन खां, पप्पू उर्फ साजिद व नईम पुत्र चंदू, चौक कोतवाली क्षेत्र के खलीलगर्वी निवासी आकाश यादव पुत्र भल्लू यादव उर्फ राजेश, मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव खैरपुर निवासी इकबाल कुरैशी पुत्र हबीब कुरैशी, चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अकब मस्जिद कांच निवासी मोनू शर्मा पुत्र रामनिवास शर्मा, मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी सुशील गुप्ता पुत्र राधाकृष्ण गुप्ता और इसी मोहल्ले के हीरा शर्मा व अनुपम शर्मा पुत्रगण शिवदेव शर्मा शामिल हैं।
जिला बदर के आदेश में ओमपाल को शातिर किस्म का गुंडा बताते हुए कहा गया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान नोटिस जारी करने पर भी वह गैरहाजिर रहा और अदालत में हाजिर होने की जरूरत नहीं समझी। खैरपुर के इकबाल कुरैशी को गोहत्या और आर्म्स एक्ट में नामजद होने के कारण जिला बदर किया गया। अन्य मामलों में जारी आदेश पत्रावलियों में अभियोजन अधिवक्ता ने कहा है कि इन अपराधियों का समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि लोग उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने और शिकायत करने से डरते हैं।
विज्ञापन

खास यह है कि कई अपराधियों की सिफारिश में मोहल्ले के संभ्रांतों ने उन्हें इज्जतदार और कानून को मानने वाला व्यक्ति बताया है। आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 506, 386 व 427 में नामजद आकाश यादव के बारे में उसके पड़ोसियों ने इसी आशय के लिखित बयान दिए, लेकिन एडीएम शर्मा ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को जिला बदर आदेश का आधार बनाया। मोनू शर्मा ने भी पड़ोसियों के माध्यम से अपना बचाव करना चाहा, लेकिन अभियोजन के वकील ने कहा कि उसकी आपराधिक गतिविधियों से जनमानस भयभीत रहता है।
थाना प्रभारियों को कड़ी नजर रखने के निर्देश
समाज में अपराधी तमाम तरह के होते हैं। कुछ को बाद में अपने किए पर पछतावा भी होता है, लेकिन कई ऐसे अपराधी भी होते हैं जो अपने कृत्यों से समाज के लिए नासूर बनकर भले लोगों का गांव-मोहल्ले में रहना दुश्वार कर देते हैं। ऐसे पेशेवर अपराधियों से कोई रियायत नहीं बरती जाएगी, भले ही सिफारिश करने वाला कोई व्यक्ति कितनी भी पहुंच वाला हो। सभी संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि जिला बदर किए गए अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेें और मुकदमे की तारीखों को छोड़कर छह माह की अवधि तक उन्हें थाना क्षेत्र से बाहर रखना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन

-जितेंद्र कुमार शर्मा, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें