सराफा व्यापारी की पत्नी ने फांसी लगाकर दी जान
कई माह से मानसिक रूप से परेशान चल रही थी रश्मि
पति के जाने के बाद पीछे बच्चों को भी खाना देकर भेज दिया
मकान में अकेले हो जाने पर उठा लिया आत्मघाती कदम
पति और बच्चे रात में दुकान से लौटे, तब मामले की हुई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भारद्वाजी कॉलोनी निवासी सराफ व्यापारी की पत्नी ने धोती से गले में फांसी का फंदा बनाकर कमरे में पंखे के कुंडे से लटक कर जान दे दी। घटना की जानकारी सोमवार रात 10 बजे तब हुई, जब पति और बच्चे सदर क्षेत्र में स्थित सराफा दुकान से लौटे। पति के मुताबिक वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। उनकी दवा भी चल रही थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
भारद्वाजी कॉलोनी निवासी जितेंद्र वर्मा सोमवार सुबह खाना खाकर दुकान चले गए। घर पर पत्नी 38 वर्षीय रश्मि और दो बच्चे 17 वर्षीय श्रुति व 14 वर्षीय बेटा ध्रुव रह गए। दोपहर लगभग दो बजे रश्मि ने बच्चों को पति के लिए लंच बॉक्स देकर दुकान भेज दिया। घर पर जब रश्मि अकेले रह गई तो उसने मकान का मेन गेट अंदर से बंद किया और कमरे में पहुंचकर गले में धोती से फांसी का फंदा बनाकर पंखे के कुंडे से लटक गई। रात लगभग 10 बजे पति जितेंद्र वर्मा दोनों बच्चों के साथ दुकान से घर लौटे, तो उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए पत्नी को आवाज लगाई लेकिन ना तो पत्नी की अंदर से आवाज आई और ना ही दरवाजा खुला, तब फिर उन्होंने पास में रह रही रश्मि की बहन व अन्य लोगों को बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मुख्य गेट को धक्का देकर खुलवाया। तेज धक्का देने से अंदर की चटकनी टूट गई और दरवाजा खुल गया। तब सब घर के अंदर घुसे, तो देखा रश्मि फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। मामले की सूचना रश्मि के मायके हरदोई के माधवगंज निवासी भाई अनिल कुमार सैनी को दी गई। रात में ही वह भी परिजनों साथ भारद्वाजी कॉलोनी आ गए। पति जितेंद्र ने बताया की रोशनी काफी समय से मानसिक रूप से परेशान थी और उनका बरेली से इलाज चल रहा था। इस वजह से फांसी लगाकर जान दे दी। मायके वालों ने भी इसी तरह की बात पुलिस को बताई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। घटना के बाद से दोनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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पहले भी दो बार कर चुकीं थी आत्महत्या की कोशिश
पुलिस के मुताबिक मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण रश्मि ने इससे पहले भी दो बार जान देने की कोशिश की। एक बार हाथ की नस काट ली थी और इस घटना के एक माह बाद फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की थी। सोमवार को घर में अकेली हो गई, इसलिए उसे मौका मिल गया और उसने खुदकुशी कर ली।
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परिजनों के मुताबिक रश्मि मानसिक रूप से परेशान रहती थी, उसका इलाज भी चल रहा था। सोमवार को पति दुकान पर चले गए और दोपहर को बच्चों को खाना देकर पति के पास भेज दिया। घर में अकेले हो जाने पर फांसी लगाकर जान दे दी।
राजकुमार तिवारी, इंस्पेक्टर चौक कोतवाली