शाहजहांपुर। कोहरे के नाम पर 15 नवंबर 2018 को निरस्त की गईं 10 जोड़ी रेलगाड़ियों में नौ जोड़ी का निरस्तीकरण एक बार फिर से 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। निरस्त ट्रेनों में सिर्फ जनसेवा एक्सप्रेस को एक अप्रैल से बहाल किया गया है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि बाकी ट्रेनों का संचालन भी 16 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद कम ही है। ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ाये जाने संबंधी आदेश रविवार को यहां पहुंच गया।
कोहरे के सीजन में रेलवे हर साल 15 नवंबर से 15 फरवरी तक के लिए कुछ ट्रेनों को निरस्त करता है। इस बार भी 15 नवंबर 2018 को तीन महीने के लिए अप-डाउन 10 जोड़ी ट्रेनों को रद्द किया गया था। रद्द ट्रेनों का संचालन 15 फरवरी 2019 से शुरू होना था। इस बीच बीच प्रयागराज कुंभ के चलते यात्रियों की सुविधा के लिए मेला स्पेशल ट्रेनें जरूर चलाई गईं, लेकिन रद्द ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया गया। दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर मालगाड़ियों का संचालन बढ़ा दिया गया। कानपुर सेंट्रल से होकर पास होने वाली 70 से ज्यादा मालगाड़ियों का डायवर्जन लखनऊ से शाहजहांपुर होते हुए शुरू कर दिया गया। रेल रूट पर मालगाड़ियों का ट्रैफिक बढ़ने से रद्द ट्रेनों का संचालन 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। इन ट्रेनों का संचालन एक अप्रैल से शुरू होना था। दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर मालगाड़ियों के दबाव के चलते एक बार फिर से रद्द ट्रेनों में सिर्फ जनसेवा एक्सप्रेस को एक अप्रैल से बहाल किया गया है। बाकी नौ जोड़ी ट्रेनों का निरस्तीकरण अब 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है।
ट्रेनों का निरस्तीकरण 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। जनसेवा एक्सप्रेस का संचालन सोमवार से शुरू हो जाएगा। बाकी नौ जोड़ी ट्रेनों का संचालन 15 अप्रैल के बाद शुरू होने की उम्मीद है। रेल रूट पर मालगाड़ियों के डायवर्जन का प्लान तैयार किया जा रहा है।
प्रभाष कुमार, डीओएम