शाहजहांपुर। भारतीय वायु सेवा के शौर्य को मंगलवार को पूरी दुनिया ने देखा। करीब 12 दिन पहले आतंकवादियों द्वारा पुलवामा में जिस कायरता से सेना के वाहन पर आत्मघाती हमला किया गया था, उससे पूरा देश आक्रोश में था, लेकिन मंगलवार को जैसे ही टीवी चैनलों पर पाकिस्तान में घुसकर हमारे जांबाजों ने आतंकी आकाओं को निशाने पर लेने का समाचार सामने आया तो सभी खुशी से उछल पड़े। सेना के शौर्य को सिर-आंखों पर लेते हुए पूर्व सैनिकों ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी। सभी का एक स्वर से कहना है कि सेना और सरकार के इस कदम से हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ा है। अब यह कदम रुकने नहीं चाहिए। पाकिस्तान और वहां बैठे आतंकियों को सबक सिखाते रहने की बहुत जरूरत है।
सेना बुलाए तो फिर जाने को तैयार
मुंबई हमले में अपने शौर्य से जनपद का नाम रोशन करने वाले एनएसजी कमांडो (सेवानिवृत्त) अनिल सिंह चौहान वायु सेना द्वारा पाकिस्तान में घुसकर किए सफल हमले से बहुत गदगद हैं। वह कहते हैं कि इसी दिन का सेना इंतजार कर रही थी, पाकिस्तान और आतंकियों को सबक सिखाना बहुत जरूरी था। सही मायने में अब हमारे शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि मिली है। चौहान ने कहा कि यदि सेना उनकी सेवाएं लेने के लिए फिर बुलाती है तो वह बिना वेतन के एकबार फिर देश सेवा के लिए सेना में जाना चाहेंगे।
अब शांति से बैठने की जरूरत नहीं: गोविंद
भूतपूर्व सैनिक गोविंद मोहन अवस्थी का कहना है कि हमारी सेना ने पाकिस्तान और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। देशवासी इसी दिन का इंतजार कर रहे थे। पीएम मोदी ने दिखा दिया कि उनका सीना वाकई 56 इंच का है। अब शांति से बैठने की जरूरत नहीं है। मौका मिलते ही सेना को एक-दो और हमले कर देने चाहिए। इस हमले से देश में जो आक्रोश था, वह खुशी में तब्दील हो गया है। हमें अपनी सेना पर गर्व है।
दुनिया ने देखी भारत की ताकत: प्रमोद
ग्रुप कैप्टन वायु सेना (सेवा निवृत्त) प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि आज राजनीतिक इच्छा शक्ति मजबूत होने से ही सेना का मनोबल बढ़ा दिख रहा है। अब जरूरत है कि एकबार फिर 1971 का इतिहास दोहराया जाए। पाकिस्तान के बलूचिस्तान, सिंध के रूप में टुकड़े कर दिए जाएं। सेना को सिर्फ जरा से सहारे और कंधे पर हाथ रखने की जरूरत है। अब चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब दुनिया ने देख लिया है कि भारत दब्बू बनकर रहने वाला देश नहीं रह गया है। हमारी वायु सेना ने जिस साहस और अनुशासन से शौर्य का प्रदर्शन किया है, उससे देश सिर ऊंचा हुआ है।
दो-तीन हमलों की और जरूरत: श्याम
भूतपूर्व सैनिक श्याम किशोर अग्निहोत्री ने कहा है कि हमारी सेना ने सही समय पर ठोस कार्रवाई कर अपनी क्षमता को दिखाया है। इस हमले से सेना का मनोबल बढ़ा है। उनका कहना है कि ऐसे ही दो-तीन हमलों की और जरूरत है। पाकिस्तान और आतंकवादियां की कमर तोड़ने के लिए ऐसा होना बहुत जरूरी है। सेना के इस प्रयास से प्रत्येक हिंदुस्तानी का सीना चौड़ा हुआ है।