भावलखेड़ा(शाहजहांपुर)। आरसी मिशन क्षेत्र में बाबा होटल से कुछ दूरी पर नेशनल हाईवे किनारे पेड़ों के बीच पशु का कंकाल देखकर हिंदूवादी संगठन के लोग भड़क गए। कुछ दूरी पर झाड़ियों के बीच एक और पशु बधा हुआ मिल गया। भड़के लोगों ने नारेबाजी शुरू की तो मौके पर तीन थानों का पुलिस फोर्स व एएसपी सिटी,एसडीएम सदर भी पहुंच गए। गोहत्या करने वालों पर कार्रवाई का भरोसा देकर बमुश्किल उत्तेजित लोगों को शांत किया।
शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे बजरंग दल व छात्र परिषद के लोग हाईवे किनारे से गुजरे तो उन्हें पशु का कंकाल दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो सिर देखने पर पता लगा कि यह गोवंशीय है। इसके बाद दोनों संगठन के लोगों का माथा ठनक गया, लगा कि यहां पर प्रतिबंधित पशुओं का कटान होता है। इस पर संगठन से जुड़े लोगों ने आसपास झाड़ियों को देखा तो वहां एक गाय बंधी हुई थी। इसके बाद उन लोगों ने अपने साथी कार्यकर्ताओं को सूचना दे दी। कुछ दूरी पर स्थित बाड़ीगांव में लोग भी आ गए। ग्रामीणों व हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने गो कटान करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही आरसी मिशन थाना प्रभारी प्रवेश सिंह, रोजा थाना प्रभारी डीसी शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। चूंकि मामला गो हत्या से जुड़ा हुआ था, इसलिए कुछ देर बाद एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, एसडीएम सदर रामजी मिश्र, सीओ सदर बल्देव सिंह खनेड़ा भी पहुंच गए। उत्तेजित लोगों को शांत करने की कोशिश शुरू की लेकिन वह लोग गो हत्या करने वालों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। मामला बिगड़ता देख चौक कोतवाली से भी पुलिस फोर्स बुलवा लिया गया। इसी बीच रेती मोहल्ला निवासी माधुरी दीक्षित अपने बेटे संजीव दीक्षित के साथ मौके पर पहुंच गई और गाय देखकर उसने बताया कि यह गाय उसकी है। गाय ने भी माधुरी और संजीव को देखकर रंभाना शुरू कर दिया। संजीव ने बताया कि उसकी गाय तीन दिन पहले चोरी हो गई थी। गाय को संजीव की सुपुर्दगी में दे दिया गया। एएसपी ने संजीव की मां का नाम पता नोट करके आरसी मिशन थाना प्रभारी को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। तब बमुश्किल लोग शांत हुए।
जिस पशु की हत्या की बात की जा रही थी, उस पशु के कंकाल का पशु डॉक्टर से परीक्षण कराया गया, जिसमें बताया गया कि यह मृत पशु था, जिंदा पशु का कटान नहीं किया गया है। जिस गाय के चोरी की बात कही गई, उसकी तहरीर नहीं दी गई थी। फिर भी गो हत्या के मामलों को लेकर जांच की जा रही है।
दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी