बेटे को साइकिल नहीं दिलाने पर महिला ने की खुदकुशी
10 जुलाई को था बेटे का जन्मदिन, पति से की थी साइकिल की डिमांड
फोटो-10
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/रोजा। जन्मदिन पर बेटे को साइकिल नहीं दिलाने पर पति से नाराज महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने छत से मकान में झांक कर देखा, तब जानकारी हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
थाना रोजा क्षेत्र के गांव हथौड़ा बुजुर्ग निवासी महेंद्र कुमार उर्फ पप्पू एक ईट भट्ठा स्वामी की गाड़ी चलाते हैं। सोमवार सुबह लगभग आठ बजे महेंद्र गाड़ी चलाने चला गया। दोनों बच्चे नौ वर्षीय हर्ष और छह वर्षीय हर्षिता ग्लेरिंग पब्लिक स्कूल में पढ़ने चले गए। घर पर महेंद्र की पत्नी 45 वर्षीय अनीता और एक वर्ष का बेटा रामजी रह गया। अनीता ने बेटे को चारपाई पर लिटा दिया और अपने गले में दुपट्टे से फंदा बनाया और कमरे के बाहर टीन के नीचे बल्ली के सहारे लटक गई। पड़ोस के लोगों ने जब काफी देर तक बच्चे के रोने की आवाज सुनी, तब फिर छत से झांक कर देखा तो अनीता फंदे से लटक रही थी। जानकारी पति को दी गई। पति के आने के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। सूचना मिलने पर लखीमपुर खीरी के थाना पसगवां क्षेत्र के गांव मोहद्दीनपुर स्थित मायके से चाचा बाबूराम आ गए। उन्होंने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। बाबूराम ने बताया कि मृतका के पिता रामचरन चलने में असमर्थ हैं, वह इसीलिए नहीं आए। पति महेंद्र का कहना था कि वह अक्सर बीमार रहती थी, इसी से तंग आकर जान दे दी। वहीं पुलिस का कहना है कि बेटे के जन्मदिन पर साइकिल नहीं दिलाने पर अनीता ने खुदकुशी कर ली।
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अनीता के बेटे हर्ष का 10 जुलाई को जन्मदिन है,इसलिए उसने पति से बेटे के लिए साइकिल दिलाने को कहा था, पति ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। इसी से खफा होकर उसने आत्महत्या कर ली।
जसवीर सिंह, थानाध्यक्ष रोजा