शाहजहांपुर। देहात क्षेत्र से लेकर जिला अस्पताल तक एंटी रैबीज समाप्त हो गए हैं। इससे कुत्ता, बंदर काटे मरीजों को वापस होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में तो बाकायदा सूचना भी चस्पा कर दी गई है कि एंटी रैबीज समाप्त हो गए हैं, आने पर लगाए जाएंगे। इंजेक्शन आने की तारीख निश्चित नहीं है।
जिला अस्पताल में जलालाबाद, कटरा, तिलहर, पुवायां, आदि देहात क्षेत्रों के अलावा पास के जिले लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी, हरदोई के पसगवां, बेहटा गोकुल क्षेत्र के कुत्ता, बंदर काटे के मरीज आते रहते हैं। फार्मासिस्ट सुरेश कुमार के मुताबिक यहां आने वाले मरीजों का आंकड़ा करीब 250 के करीब पहुंच जाता है। छह तारीख से जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन समाप्त हो गए। डिमांड भेजी गई लेकिन अभी तक इंजेक्शन नहीं मिले। जलालाबाद से राम कुमार ने बताया कि चार दिन पहले उन्हें कुत्ते ने काट लिया। वह दो बार जिला अस्पताल आ चुके हैं, लेकिन फिर से बिना इंजेक्शन लगवाए लौटना पड़ रहा है। खुले बाजार में इंजेक्शन की कीमत 250 से 300 रुपये के करीब बताई जा रही है।
खुदागंज में एक माह से नहीं हैं एंटी रैबीज
खुदागंज। पीएचसी पर एक माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है। इस संबंध में भाजपा नेता सुधीर सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी पत्र लिखकर इंजेक्शन मुहैया कराए जाने की मांग की है। वहीं पीएचसी प्रभारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए डिमांड भेजी गई है, आपूर्ति होते ही रोगियों के इंजेक्शन लगाए जाएंगे। ब्यूरो
एंटी रैबीज की इस समय कमी है, डिमांड भेजी गई है, लखनऊ में भी एंटी रैबीज नहीं है, उम्मीद है कि दो दिन में एंटी रैबीज इंजेक्शन आ जाएंगे।
डॉ. आरपी रावत, सीएमओ