खुले में घूम रहे 20 आरोपी, फिर से गैंगवार का खतरा
आवास विकास कॉलोनी में खौफ कायम, तीसरे दिन भी पुलिस तैनात
नामजद 17 आरोपियों की गिरफ्तारी मेें जुटी पुलिस की चार टीमें
फोटो-6
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात दो गुटों के बीच हुए गैंगवार के बाद शनिवार को तीसरे दिन भी यहां खौफ का माहौल रहा। दोनों पक्षों की ओर से 17 नामजद और तीन अज्ञात आरोपी अब भी खुले घूम रहे हैं। घनी आबादी के लिए हुए इस गैंगवार में एक पक्ष के दो (सगे भाइयों) और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति की गोलियां लगने से मौत हो गई थी। एहतियात के तौर पर शनिवार को भी मौके पर भारी तादाद में फोर्स तैनात रहा। इधर, अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से भी टेंशन बना हुआ है। दोनों गुटों के बीच फिर से गैंगवार की आशंका भी है।
आवास विकास कॉलोनी के मुशीर और इमरान के बीच चल रहे विवाद में बृहस्पतिवार रात दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे। दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई थी। इसमें इमरान उसके भाई इसरार और दूसरे गुट के मुशीर की मौत हो गई थी। मुशीर की पत्नी परवीन ने आठ नामजद और तीन अज्ञात पर जबकि इमरान और इसरार के भाई इंतेसार ने नौ लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। इसके बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से कॉलोनी के लोग भी फिर से गैंगवार की आशंका को लेकर दहशत में हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के घरों पर पुलिस तैनात है। सीओ सिटी सुमित शुक्ला का कहना है कि मामले में विवेचना चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में चार टीमें लगाई गई हैं। जल्द गिरफ्तारियां कर ली जाएंगी।
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कई मोबाइल नंबर सर्विलांस सेल के रडार पर
-गैंगवार मामले में फरार चल रहे 17 नामजद आरोपियों को ट्रेस करने में सर्विलांस सेल भी जुट गई है। सूत्रों की मानें तो दोनों पक्षों के एक दर्जन मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनमें नामजद आरोपियों के साथ उनके रिश्तेदारों और करीबियों के मोबाइल नंबर भी शामिल हैं। एक सफेदपोश की लोकेशन पर भी सर्विलांस सेल नजर रख रही है।
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लाइसेंसी असलहों की भी जुटाई जा रही जानकारी
- गैंगवार में 12 बोर, 315 बोर और 32 बोर के असलहों का इस्तेमाल किया गया था। मृतक मुशीर की जेब से 12 बोर के नौ जिंदा कारतूस और 315 बोर का तमंचा मिला था। घटना स्थल से भी पुलिस ने 315 बोर के दो खोखे और 12 बोर का एक तमंचा बरामद किया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुशीर, इमरार और इसरार को 32 बोर की गोली लगने की बात सामने आई थी। इससे यह शक भी गहरा रहा है कि वारदात में लाइसेंस हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ है। नामजद आरोपियों में किस-किस के नाम कौन सा लाइसेंसी असलह है पुलिस इसकी भी जानकारी जुटाने में लग गई है।
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तनवीर के नाम को लेकर बनी असमंजस की स्थिति
- गैंगवार में मरने वालों में सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां का ममेरा भाई मुशीर भी शामिल है। दूसरे पक्ष की ओर से इमरान और उसके भाई इसरार की जान गई। इमरान और इसरार के भाई इंतेसार की ओर से नौ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई नामजद रिपोर्ट में एक आरोपी का नाम तनवीर खां भी है। ऐसे में इस नाम को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। तनवीर खां नाम को लेकर समझा जा रहा था कि सपा जिलाध्यक्ष की नामजदगी है। इस पर स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां की नामजदगी नहीं है। चूंकि वह मुशीर के फुफेरे भाई हैं तो उसकी पैरवी भी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी भी जान को खतरे की बात कही जा रही है। पुलिस ने भी साफ किया है कि इमरान पक्ष की ओर से नामजद नौ आरोपियों में शामिल तनवीर खां नाम का आरोपी सपा जिलाध्यक्ष नहीं बल्कि अन्य कोई है।