पुवायां (शाहजहांपुर)।
एक तरफ सरकार के साथ ही शासन और प्रशासन पौधरोपण पर जोर दे रहा है तो दूसरी ओर उद्यान विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हरे और फलदार पेड़ों पर आरा चल रहा है। ऐसे ही एक मामले में एडीएम के आदेश पर कटान रूकवा दिया गया है।
गांव जेंबा में हरगोविंद की पत्नी रामवती के नाम एक बाग है। बाग में आम के 20 हरे और एक सूखा पेड़ खड़ा है। पूरनपुर के ठेकेदार जाबिर खां ने उद्यान विभाग के अधिकारियों से साठगांठ कर आम के हरे और फलदार पेड़ों को सूखा और फलविहीन दर्शाकर वन विभाग से कटान का परमिट ले लिया और रविवार को आम के पेड़ कटवाने लगा। जानकारी पाकर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को कटान से रोका। गांव के लोगों ने कहा कि आम के सभी पेड़ हरे हैं और कुछ दिन पूर्व ही पेड़ों से फल तोड़े गए हैं।, ऐसे में वह कटान नहीं होने देंगे। इस बीच कुछ लोगों ने मामले की जानकारी एडीएम प्रशासन को दे दी। एडीएम के निर्देश पर पुलिस मौके पर पहुंची और कटान रुकवा दिया। तब तक तीन पेड़ काटे जा चुके थे। पुलिस ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है और काटी गई लकड़ी के उठान पर रोक लगा दी है। ठेकेदार को चेतावनी दी गई है कि अग्रिम आदेश तक कोई भी पेड़ काटा तो कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि मामले की रिपोर्ट एडीएम को भेजी जा रही है।
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बिना जांच के ही लगती है रिपोर्ट
पुवायां। पेड़ काटे जाने से पूर्व वन विभाग से परमिट लेना जरूरी है। परमिट लेने से पूर्व उद्यान विभाग की रिपोर्ट लगती है, जिसमें लिखा होता है कि मौके पर जांच में पेड़ गैर फलदार और सूख पाए गए। गांव जेंबा के बाग में 20 पेड़ पूरी तरह से हरे हैं और इसी वर्ष आम की फसल भी आई थी। उद्यान विभाग के लोग मौके की जांच नहीं कर ठेकेदारों से साठगांठ की गलत रिपोर्ट लगा देते हैं, जिससे वन विभाग कटान का परमिट जारी कर देता है। पुवायां तहसील में तमाम बाग इसी तरह काटे जा चुके हैं।