थाना सदर बाजार पुलिस ने चौक कोतवाली क्षेत्र में स्थित साउथ सिटी कॉलोनी में बुधवार रात छापामारी कर बड़ी मात्रा में नकली एलईडी व विभिन्न कंपनियों के स्टीकर बरामद किए हैं। इस दौरान पुलिस ने गैंग के सरगना को भी गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी मौके से भाग गया।
एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक संगठित गैंग नई दिल्ली स्थित गफ्फार मार्केट करोल बाग से नकली एलईडी लाकर कंपनी का रैपर लगाकर उसे काफी महंगे दामों में बिक्री कर रहे हैं। जानकारी होने पर सदर थाने के एसएसआई रामनरेश यादव के नेतृत्व में एक टीम ने बुधवार रात साउथ सिटी कॉलोनी स्थित संजय गुप्ता पुत्र रामकिशन के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसका साथी शकील भाग गया। छापामारी के दौरान संजय नकली एलईडी पर कंपनी का रैपर लगाकर बिक्री कर रहा था। पुलिस ने उसके घर से 249 एलईडी बरामद कर लीं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी व व्यापार पुण्य वस्तु चिन्ह अधिनियम 1958 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया। यहां से उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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लखीमपुर, फर्रुखाबाद में भी फैला था कारोबार
नकली एलईडी मे ं ब्रांडेड कंपनियों के रैपर लगाकर संजय गुप्ता खुद को डिस्ट्रीब्यूटर बताकर एलईडी लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद जिले में रिटेलर को बेचता था और इन लोगों से वह अच्छी कमाई करता था।
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प्रति पीस 38 हजार रुपये की थी कमाई
संजय गुप्ता नई दिल्ली स्थित गफ्फार मार्केट करोल बाग से नकली एलईडी दो से ढाई हजार रुपये में खरीदकर लाता था और ब्रांडेड कंपनी के रैपर लगाकर उसी एलईडी को तीस से चालीस हजार रुपये कीमत में बिक्री कर देता था। इन एलईडी पर ज्यादातर उन्हीं कंपनियों के रैपर लगाता था, जो कंपनियां बंद हो चुकी हैं।
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जिसने माल खरीदा, बही रोया, पर नहीं हुआ वापस
संजय गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद तमाम लोग ऐसे थे, जो उसके इस कारनामे पर आश्चर्य चकित हो रहे थे, क्योंकि यह वह लोग थे, जिन्होंने उसके यहां से सामान खरीदा और जब खराब हो गया तो उसे कंपनी बंद होने की बात कहकर टरका दिया।
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करोड़ों की कर चुका है कमाई
पुलिस की मानें तो संजय काफी लंबे समय से नकली एलईडी के कारोबार से जुड़ा हुआ था। चूंकि उसका कारोबार जिले के अलावा आसपास के जिलों में फैला हुआ था, इसलिए उसने अब तक करोड़ों की कमाई की है। उसके इस काले कारोबार में तमाम ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो अपने को संभ्रांत बताते हैं। पुलिस ऐसे लोगों की भी तलाश कर रही है।