खुटार (शाहजहांपुर)। रोशनलाल के गुलदार का शिकार किए जाने के आरोप के बाद वन विभाग ने अपने कार्यालय पर आठ लोगों को नामजद करते हुए और कई अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होने के चार दिन बाद एक भी नामजद वनकर्मियों के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
गुलदार का शिकार किए जाने का आरोप लगाने वाले रोशनलाल को वन विभाग की टीम पूछताछ के लिए रेंज कार्यालय ले गई थी, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। रोशनलाल ने जो वन्य जीव का जो पंजा दिखाया था वह भी अभी बरामद नहीं हो सका है। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि आरोपी पीलीभीत के गांव बिलबुझिया और महारानीगंज में अपने रिश्तेदारों के पास भाग गए हैं। वन विभाग की टीम ने मंगलवार को आरोपियों की तलाश में दबिश आदि नहीं दी। वन अधिकारियों की जांच से अलग वन विभाग क्राइम ब्रांच के प्रभारी एचबी गिरीश ने अलग से लोगों से पूछताछ की और शिकार के मामले की तह में जाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि लोगों के बयान आदि दर्ज कर घटना की तह तक जाने का प्रयास चल रहा है।
लुकटहा के लोग बोले, कुछ लोग करते रहते हैं शिकार
खुटार (शाहजहांपुर)। मंगलवार को वन विभाग क्राइम ब्रांच के उत्तर प्रदेश के प्रभारी एचबी गिरीश, डीएफओ आरके त्यागी और शिकार मामले में जांच अधिकारी बनाए गए एसडीओ महेंद्र नारायण गांव लुकटहा पहुंचे और लोगों से पूछताछ की। गांव के कुछ लोगों ने टीम को बताया कि महाउत जाति के कुछ लोग शिकार करते रहते हैं और मांस के बंटवारे को लेकर उनका आए दिन झगड़ा होता रहता है।
गौरतलब है कि गांव लुकटहा के रोशनलाल ने 18 जनवरी को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके गांव के सात लोगों ने मिलकर 15 दिन पूर्व एक गुलदार को मार डाला है। उसने गुलदार का एक कटा पंजा भी दिखाया था। बाद में रोशन लाल कहने लगा कि शिकारियों के परिवार की महिलाओं ने उसे पीटकर पंजा छीनकर गायब कर दिया था।
मंगलवार को भी डीएफओ, क्राइम ब्रांच अधिकारी आदि गांव पहुंचे और तमाम लोगों के बयान लिए। अधिकारियों ने जब लोगों से बात की तो गांव में बसे गोरखपुर के लोग शिकार में शामिल महाउत जाति के लोगों से बुराई हो जाने के डर से पहले तो कुछ बोलने से हिचकिचाते रहे, लेकिन गांव के कुछ बजुर्गों ने टीम को बताया कि घर से भागे लोगों में कई लोग ऐसे हैं जो आए दिन पशु पक्षियों का शिकार करते हैं। लोगों ने लिखित में बयान देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि इससे उन्हें शिकार में शामिल लोगों से खतरा हो सकता है।
रेंजर बोले-फिशिंग कैट का ही हुआ शिकार
खुटार (शाहजहांपुर)। लुकटहा गांव के लोगों के गुलदार के शिकार के आरोप पर मंगलवार को रेंजर रणवीर मिश्रा मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि वह और अधिकारी पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि गुलदार नहीं मारा गया है। रोशनलाल का वीडियो और फोटो देखने के बाद साफ हो गया है कि वह जो पंजा दिख रहा था वह फिशिंग कैट का ही है। खेत से बरामद हिरन के सींग आदि पर उनका कहना था कि नर हिरन अपने सींग गिराता रहता है, हो सकता है किसी को जंगल में सींग मिल गए हों।
रेंजर ने कहा कि गुलदार का पंजा बहुत बड़ा होता है, जबकि रोशनलाल के पास दिख रहा पंजा बेहद छोटा है। फिशिंग कैट को मारे जाने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच एसडीएम कर रहे हैं। खेत से बरामद पशु अवशेषों की रिपोर्ट आने पर पूरा मामला ठीक से समझा जा सकेगा।