शाहजहांपुर। एक प्रकरण में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव तीन माह की सजा काटने के बाद बृहस्पतिवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। उनकी रिहाई के समय बड़े भाई श्रीपाल यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य, रंगमंचीय गुरू जरीफ मलिक आनंद समेत बड़ी संख्या में प्रशंसक भी मौजूद रहे। जेल से बाहर आते ही सभी ने फूल मालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बृहस्पतिवार को तिहाड़ जेल से पूर्वांह करीब 11:15 बजे अभिनेता राजपाल बाहर निकले। उनके स्वागत में बड़े भाई श्रीपाल यादव, चंद्रपाल यादव, राजेश यादव, सर्व समभाव पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप यादव, वरिष्ठ रंगकर्मी जरीफ मलिक आनंद समेत तमाम प्रशंसक वहां मौजूद रहे। राजपाल के बड़े भाई समेत अन्य बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और ईश्वर के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया। जेल से रिहा होने के बाद वह सीधे नोएडा प्रेस क्लब पहुंचे और वहां मीडिया से रू-ब-रू हुए।
नोएडा से परिजनों के साथ घर (कुंडरा, बंडा) आते समय राजपाल ने अमर उजाला से खास बातचीत की। एक सवाल में उन्होंने बताया कि तीन माह तक जेल में रहने के दौरान उनकी आधा दर्जन फिल्मों की शूटिंग रुकी रही। जबकि तीन-चार नई फिल्मों की शूटिंग भी होनी थी, वह शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने अपने प्रोड्यूसर से आग्रह किया था, जो उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए शूटिंग रोकने का आश्वासन दिया था। वह फिल्म इंडस्ट्री के शुक्रगुजार हैं। उन्होंने बताया कि अब मार्च से वह शूटिंग आरंभ कर देंगे।
जेल से छूटने के बाद राजपाल यादव कुछ कमजोर दिखाई दे रहे थे। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनकी एक महत्वपूर्ण फिल्म आदिवासी जीवन पर आने वाली है। जिसमें वह मुख्य किरदार निभा रहे हैं, कहानी की डिमांड के हिसाब से वह अपने को ढाल रहे हैं। इस फिल्म में वह 20-30 वर्ष पहले की आयु में नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत सर्वोपरि है। वह अदालत के आदेशों का पालन पूरी सज्जनता के साथ करेंगेे। भविष्य में जब भी उन्हें कोई आदेश दिया जाएगा, तब वह अदालत के आदेश का पालन करेंगे। राजपाल ने कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने बताया कि दो मार्च को उन्हें किसान सेवक संघ की ओर से नोएडा में सम्मानित भी किया जाएगा। इस बीच उन्होंने जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं भी दीं।
यह था पूरा मामला
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने वर्ष 2010 में बतौर डायरेक्टर अपनी फिल्म अता-पता-लापता बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये लोन लिया था। राजपाल यादव लोन की रकम समय से नहीं चुका सके। लोन देने वाली निजी फर्म ने राजपाल यादव के खिलाफ कोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में समझौता हुआ कि राजपाल यादव 10 करोड़ 40 लाख की रकम लौटाएंगे। यह रकम भी राजपाल यादव ने नहीं चुकाई और समझौता की शर्तों का उल्लंघन किया। बाद में राजपाल यादव ने एक्सिस बैंक मुंबई का एक चेक दिया था। यह चेक भी बाउंस हो गया। इस मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को नवंबर 2018 में तीन माह की कैद की सजा सुनाई थी।