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जेल जाने के डर से युवक को हार्ट अटैक, मौत

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जेल जाने के डर से युवक को हार्ट अटैक, मौत
0 एससी/एसटी एक्ट दर्ज हुई थी रिपोर्ट, अगले ही दिन भाग गया था हरियाणा
0 पुलिस के घर जाने की सूचना से बिगड़ी तबियत

अमर उजाला ब्यूरो
खुटार (शाहजहांपुर)।
एससी/एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घर से भागकर हरियाणा गए युवक की वहां मौत हो गई। मृतक की मां और ससुर ने आरोप लगाया है कि जेल जाने से भय से युवक की हार्ट अटैक से मौत हुई है। उधर, युवक की मौत की जानकारी मिलने पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाला भी घर से गायब हो गया है।
गांव कोल्हूगाढ़ा निवासी एक व्यक्ति ने 18 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई ने अपनी जगह को हंसराम को 48 हजार रुपये में बेच दिया था। गांव के ही राजीव मिश्रा उसका भाई राजकमल और गांव का 29 वर्षीय इंद्रपाल सक्सेना (भुर्जी) चार अप्रैल 18 को उसके घर आए और कहा कि उसके भाई का आवास उन लोगों ने खरीदा है। जिसकी गवाही उसे देनी होगी। मना करने पर उक्त ने जातिसूचक गाली गलौज करते हुए मारपीट की। 17 अगस्त 18 को उसने भाई के आवास के लिए ईंट मंगवाई थी, जिससे राजीव के घर के सामने नाली का पाइप टूट गया था। जिस कारण उसके साथ घर में घुसकर मारपीट की गई। उसने तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। पुलिस ने 18 अक्तूबर को इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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इंद्रपाल की मां ईश्वरवती का आरोप है कि निर्दोष होने के बाद भी झूठी रिपोर्ट दर्ज होने पर उसका पुत्र डर के कारण 19 अक्तूबर को घर से अपने ससुर के पास हरियाणा के झज्जर चला गया। पुलिस उसके घर लगातार दविश देकर इंद्रपाल को बुलाने को कह रही थी। इंद्रपाल को बताया गया तो वह बेहद परेशान हो उठा। मंगलवार शाम उसने इंद्रपाल को फिर से पुलिस आने की बात बताई तो कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई। रात में सूचना मिली कि इंद्रपाल की मौत हो गई है। हरियाणा से इंद्रपाल के ससुर सुरेश कुमार ने बताया कि जेल जाने के डर से इंद्रपाल को हार्ट अटैक पड़ गया और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने भी उसकी मौत हार्ट अटैक से होना बताया है।
सूचना पाकर इंद्रपाल का पिता तोताराम पुत्र का शव लेने हरियाणा रवाना हो गया है। मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। मृतक की पत्नी, मां और दो बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। उधर, राजीव, इंद्रपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाला व्यक्ति भी इंद्रपाल की मौत की जानकारी के बाद घर से कहीं चला गया है। उसके घर जानकारी की गई, लेकिन लोगों ने उसके बारे में जानकारी से इंकार कर दिया।
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उधारी के रुपये मांगने पर दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट
0 राजीव और उसके परिवार से रिपोर्ट दर्ज कराने वाले ने ले रखे थे 48 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। एससीएसटी की रिपोर्ट में नामजद राजीव मिश्रा के अनुसार उन लोगों के साथ ही इंद्रपाल पर रिपोर्ट इस कारण लिखाई गई क्योंकि वह अपने उधार के दिए रुपये वापस मांग रहे थे।
राजीव के अनुसार गांव के ही एक व्यक्ति ने उनसे 12 हजार रुपये और उनकी पुत्री और बहन से अलग से रुपये उधार लिए थे। कुल मिलाकर उस पर 48 हजार रुपये बकाया थे। रुपये लेने वाला छह माह में रुपये वापस कर देने की बात कह कर रुपये ले गया था, लेकिन छह साल बाद भी रुपये नहीं दिए। छह माह पूर्व उन्होंने रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो उसे धमकी दी गई कि उन लोगों पर एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा देगा। रुपये लेने वाला तीन माह पूर्व से उसके और इंद्रपाल आदि के खिलाफ पुलिस और अधिकारियों को झूठी तहरीर देकर परेशान कर रहा था।
इसके बाद 18 अक्तूबर को झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। मामले की जांच सीओ कर रहे थे, लेकिन खुटार थाने का एक दरोगा उन लोगों को बहुत परेशान कर रहा था और मामले को निपटा लेने को कह रहा था। पुलिस के डर से ही इंद्रपाल हरियाणा भाग गया था।
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शपथ पत्र देकर बताया नामजदों को निर्दोष
खुटार। गांव के सीताराम, इंद्रपाल, तोताराम, सर्वेश, संजय, गौतम, लल्लूराम, देवेंद्र सिंह, रामसेवक, आनंद दीक्षित, दिलीप, इंद्रपाल आदि लोगों ने शपथ पत्र बनवाए हैं, जो पुलिस को देने की तैयारी है। शपथ पत्रों में कहा गया है कि राजीव, राजकमल, इंद्रपाल पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाला झूठी तहरीरें देने का आदी है। जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, वह भी पूरी तरह से गलत है।
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इस मामले में एसपी तक शिकायत की गई थी। जांच के बाद राजीव, राजकमल और इंद्रपाल पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अभी तक कोई दबिश नहीं दी गई है। सीओ साहब मामले की जांच कर रहे हैं। दरोगा पर क्या आरोप है मुझे जानकारी नहीं है। पुलिस को कोई शपथ पत्र नहीं मिले हैं।
राहुल सिंह, थाना प्रभारी खुटार
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