साध्वी कोयल गिरि की मौत के साथ ही पुलिस की अब तक की विवेचना पर भी सवाल उठने लगे हैं। घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक साक्ष्य इकट्ठा नहीं कर पाई। वहीं साध्वी 12 वें दिन जिंदगी की जंग हार गई। हालांकि पुलिस कह रही है कि विवेचना में घटना से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य मिलता है तो फिर आरोपियों की गिरफ्तारी से इंकार भी नहीं किया जा सकता है।
तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी साध्वी कोयल गिरि उर्फ सीमा वर्मा की मां रामलली ने तिलहर के मोहल्ला कुंवरगंज निवासी व्यापारी पंकज गुप्ता और उनके भाइयों सुशील बाबू गुप्ता, अनिल गुप्ता व मोहल्ला दातागंज निवासी अनुराग गुप्ता पर बेटी कोयल गिरि को घर के पास गली में मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मारने की कोशिश का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट 24 नवंबर को दर्ज कराई थी। इस घटना में दौलत गिरि नाम के शख्स को भी नामजद कराया गया। दौलत गिरि पर आरोप है कि वह साध्वी को मोबाइल पर कॉल करके आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बदनाम करने की धमकी देता था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद साध्वी के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस घटना में नामजद आरोपियों से मिल गई है और गिरफ्तार नहीं कर रही है। इस कारण साध्वी के परिजनों को आरोपियों की ओर से समझौते के लिए धमकियां दी जा रही हैं। वहीं पुलिस घटना के बाद से अब विवेचना की बात तो कहती रही लेकिन अभी तक साक्ष्यों को इकट्ठा नहीं पर पाई। अब चूंकि साध्वी की मौत हो चुकी है तो ऐसे में पुलिस का मानना है कि यदि जांच के दौरान कोई क्लू मिलता है तो फिर आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।
--------
साध्वी प्रकरण को शुरू से ही गंभीरता से लिया गया है और हर स्तर से जांच कराकर साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ कोई क्लू मिलता है तो गिरफ्तारी भी संभव है।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी