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पांच महीने बाद नेपाल से 75 मजदूरों की वतन वापसी

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तिलहर (शाहजहांपुर)। नेपाल में फंसे तिलहर क्षेत्र के 78 मजदूरों ने उन्हें वापस लाने के शासन, प्रशासन के प्रयासों में देरी होती देख खुद हिम्मत दिखा नेपाल में वहां के ईट भट्ठा मालिक के खिलाफ बगावत कर दी। मजदूरों के इस बगावती तेवर के आगे भट्ठा मालिक ने घुटने टेक 75 मजदूरों को छोड़ दिया। जबकि बतौर गारंटी तीन मजदूरों को अब भी बंधक बनाकर रखा गया है। 0मजदूरों को नेपाल में नौकरी के बहाने ले जाने के बाद बेच दिए जाने के बाद से ही ये मजदूर वहां बंधक थे। इस मामले में तिलहर पुलिस ने 13 मार्च को चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमे से तीन लोगों को जेल भेजा जा चुका है। नेपाल में फंसे मजदूरों की वापसी के लिए पुलिस-प्रशासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी लिखा था। भारत-नेपाल के दूतावासों के बीच मजदूरों की वापसी पर वार्ता होनी थी। इससे पहले ही मजदूरों ने नेपाल में बगावत कर खुद ईंट भट्ठा मालिक को झुकने पर मजबूर कर दिया।
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तिलहर के गांव विकरनपुर के मजदूर मिंटू, भगवानदास, पृथ्वीराज, मगरेलाल, बवलेश, रामकिशोर, महेश, विश्राम, नक्षत्रपाल, रामऔतार, राधेश्याम को करीब छह महीने पहले निगोही के गांव जठियापुर का टिंकू और जिंदपुरा का जाविर, बदरुद्दीन और विकरनपुर के कर्मवीर नौकरी दिलाने के लिए नेपाल ले गया था। मजदूरों के परिवार के श्यामबहादुर, शिवचरन लाल ने 13 मार्च को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। उस समय 11 मजदूरों का मामला ही सामने आया था। विवेचक विपिन मौर्य पुलिस टीम के साथ नेपाल भी गए, लेकिन बैरंग होना पड़ा था। बाद में मजदूरों की वापसी के लिए पुलिस-प्रशासन ने दूतावास का सहयोग लेने के लिए गृह मंत्रालय को लिखा था। अभी दोनों देशों के दूतावासों के बीच वार्ता चालू नहीं हुई है। इससे पहले 75 मजदूरों की घर वापसी हो गई है।
मजदूरों की घर वापसी के बाद मामले में कई तथ्य खुलकर सामने आए हैं। पता लगा है कि मजदूरों को ईंट भट्ठा पर बेच दिया गया था। सिर्फ 11 नहीं बल्कि नेपाल में 78 मजदूर बंधक थे। मजदूरों ने वापस आने के बाद बुधवार को कोतवाली पहुंच कर इंस्पेक्टर संजय राय को पीड़ा सुनाई। सीओ मंगल सिंह रावत वीआईपी ड्यूटी में जिले से बाहर थे। उनसे मजदूरों की मुलाकात नहीं हो सकी। मजदूरों की घर वापसी से परिवार में खुशी की लहर है।
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मजदूरों की वापसी के लिए पुलिस-प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में था। पत्राचार हो रहा है। इससे पहले मजदूरों की वापसी हो गई है। पता लग है कि तीन मजदूर अभी फंसे हुए हैं। उनकी वापसी की कोशिश की जाएगी।
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- सुभाष चंद्र शाक्य, एसपी देहात
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