धर्मस्थल के दरवाजे में लगाई आग, तनाव
असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी की मांग को महिलाएं बैठीं धरने पर
कई अधिकारी पहुंचे, एसपी ने एसओजी को लगाया, 24 घंटे में करना होगा खुलासा
फोटो-30,31,32
अमर उजाला ब्यूरो
खुदागंज शाहजहांपुर।
क्षेत्र के गांव रामपुर नवदिया स्थित एक धर्मस्थल के प्रवेशद्वार में असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। इससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। महिलाएं मंदिर के सामने धरने पर बैठ गईं। भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ ही पुलिस प्रशासन के अफसरों ने मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली। एसपी ने एसओजी को लगाया है। कमेटी प्रबंधक की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है।
करीब 60 साल पुराने इस धर्मस्थल की देखरेख समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र सक्सेना और प्रबंधक सुनील सक्सेना करते हैं। अस्थाई रूप से तैनात पुजारी ओमप्रकाश मौर्य सफाई व पूजन करते हैं। शाम को पुजारी अपने घर चले जाते हैं। धर्मस्थल गांव से कुछ दूरी पर आम के बाग में है। बुधवार रात आरती करके पुजारी घर चले गए। बृहस्पतिवार पुजारी सुबह वह आए तो देखा कि धर्मस्थल के दोनों दरवाजों पर धुआं उठ रहा था। उन्होंने गांव के कुछ लोगों को जानकारी दी तो सैकड़ों लोगों की भीड़ धर्मस्थल पर जमा हो गई। यूपी 100 को सूचना दी गई। पीआरवी पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दी। धर्मस्थल से जुड़ा मामला होने की खबर जिला मुख्यालय पहुंची। आननफानन में डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार, एएसपी ग्रामीण सुभाष चंद्र शाक्य, एसडीएम तिलहर सत्यप्रिय सिंह, सीओ मंगल सिंह रावत, थानाध्यक्ष हरेंद्र सिंह व कई अन्य थानों का फोर्स और एसओजी की टीम पहुंच गई। वहीं मंदिर प्रबंध समिति के प्रबंधक हरीश चंद्र सक्सेना की ओर से घटना की अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई है।
एएसपी ग्रामीण ने थानाध्यक्ष को तत्काल घटना का खुलासा करने व दोषियों को जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। इस घटना से आसपास के गांवों में भी रोष व्याप्त है।
उधर, हिंदू एकता दल के प्रदेश अध्यक्ष आकाश दीक्षित, पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता सुधीर सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृपाशंकर रस्तोगी ने निंदा करते हुए अतिशीघ्र खुलासे की मांग की है। वहीं मामले की जांच एसपी केबी सिंह ने एसओजी को सौंपते हुए 24 घंटे में खुलासे के निर्देश दिए हैं।
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नए लगवाए गए दरवाजे
प्रशासन ने धर्मस्थल के अधजले क्षतिग्रस्त दरवाजों को उतारकर नए दरवाजे लगवा दिए लेकिन श्रद्धालुओं में फिर भी आक्रोश बना है।
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धर्मस्थल की जमीन पर कब्जे की हो चुकी है कोशिश
धर्मस्थल की स्थापना रामपुर नवदिया के कायस्थ परिवार के जमींदार लाला वैदेही शरण ने की थी और इस धर्मस्थल के नाम लगभग 70 बीघा जमीन कर दी। इस जमीन पर गांव के एक व्यक्ति ने फर्जी बैनामा कराकर लगभग 25 साल मुकदमा लड़ा। इसी वर्ष न्यायालय ने धर्मस्थल के हक में फैसला कर दिया। इस कारण फर्जी बैनामा कराने वालों को जमीन छोड़नी पड़ी।
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धर्मस्थल की मूर्तियां हो चुकीं हैं चोरी
धर्मस्थल से दो वर्ष पहले अष्टधातु की मूर्तियों को चोरी कर लिया गया था लेकिन उस वक्त पुलिस ने मामले को हल्के में लिया था। एक साल बाद चोरी की गई मूर्तियां धर्मस्थल के पास एक घूर में दबी हुई पाई गई इससे पहले यहां लगे लाउडस्पीकर चोरी हो गए थे। कुछ लोगों ने सहयोग करके इन्हें दोबारा लगवा दिया।