सिंधौली थाना क्षेत्र में दो साल पहले 12वीं की छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने और रेप करने के मामले में बृहस्पतिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिला आपराधिक वाद) नंबर 13 में दोषीसिद्ध अभियुक्त राजेश सचान को 10 वर्ष कैद और 20 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने सुनाया। यह घटना पांच फरवरी 2014 को हुई थी। सिंधौली थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा एक इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। उसे आदमपुर उत्तरी गांव में किराए पर रहने वाला राजेश सचान ट्यूशन पढ़ाता था, जो मूल रूप से कानपुर शहर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के दहेली का निवासी है। यहां रहकर वह निजी स्कूल चलाता था। घटना वाले दिन छात्रा पढ़ने के लिए स्कूल जा रही थी। उसे रास्ते में मिला ट्यूटर अपनी गाड़ी में स्कूल छोड़ने के बहाने बिठा ले गया थे। छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 19 फरवरी को आईपीसी की धारा 363 और 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पांच मार्च 2014 को पुलिस ने छात्र को कोरो कुइयां नहर के पास से बरामद किया था। मेडिकल रिपोर्ट में छात्रा से रेप की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर मुकदमै में धारा 376 को जोड़ दिया गया। सरकारी अधिवक्त उमेश गुर्जर की ओर प्रस्तुत गवाहों के बयान, पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं बचाव पक्ष के तर्क को सुनने के बाद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने अपना फैसला सुनाया।