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चीनी मिलों में पेराई बंद होने के आसार

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शाहजहांपुर। पेराई सत्र 2018-19 में जिले की पांचों चीनी मिलें अभी तक किसानों से 1113.43 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदकर पेर चुकी हैं, लेकिन मिल अधिकारियों ने भुगतान सिर्फ 730.62 करोड़ रुपये किया है। खास यह है कि सर्वे-सट्टा रिकार्ड के मुताबिक रोजा और मकसूदापुर स्थित चीनी मिल क्षेत्रों में पेराई योग्य गन्ना खत्म हो गया है और यह मिलें नो केन की स्थिति में पेराई सत्र का किसी भी दिन समापन कर सकती हैं। सहकारी क्षेत्र की पुवायां एवं तिलहर मिलों समेत निगोही स्थित डालमिया मिल क्षेत्र में करीब 14 लाख क्विंटल गन्ना शेष है, लेकिन किसान उसे जारी पर्चियों के अनुरूप मिलों को सप्लाई नहीं कर रहे। हालांकि, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम का कहना है कि संपूर्ण गन्ना की पेराई के बाद ही मिलें बंद होंगी।
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बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल मकसूदापुर ने 86.25 लाख क्विंटल गन्ना क्रय कर 10.14 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन किया, लेकिन पिछली देनदारी समेत इस वर्ष मिल पर अभी तक किसानों का 195 करोड़ रुपये बकाया है जो कि कुल खरीद के सापेक्ष लगभग 75 प्रतिशत है। रौजा मिल ने 71.45 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 8.49 लाख क्विंटल चीनी बनाई। अब गन्ना नहीं मिलने से इन मिलों में चार दिन से पेराई बंद है। निगोही मिल क्षेत्र में आठ लाख क्विंटल, पुवायां में चार लाख क्विंटल और तिलहर मिल क्षेत्र में दो लाख क्विंटल गन्ना बाकी है।
इस तरह अभी तक जिले की सभी मिलों ने 156869 किसानों का 345.79 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा और 40.67 लाख क्विंटल चीनी बनाई है। बकाया भुगतान की बात करें तो निगोही मिल प्रबंधन ने दिनांक 27 मार्च 2018 तक का 82.97 प्रतिशत, रोजा मिल ने इसी अवधि तक 84.70 प्रतिशत, तिलहर ने छह मार्च तक 69.07 प्रतिशत और पुवायां मिल ने 22 मार्च 2018 तक खरीदे गए गन्ना के सापेक्ष 62.91 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, लेकिन मकसूदापुर 17 दिसंबर 2018 तक का केवल 25.59 प्रतिशत भुगतान कर सकी है। डीसीओ के अनुसार मिलें बंद होने के बाद भी किसानों को भुगतान की प्रक्रिया जारी रहेगी और पेराई बंद होने के बाद मिलों पर भुगतान के लिए दबाव बनाना भी आसान हो जाएगा।
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