शाहजहांपुर। साध्वी कोयल गिरी उर्फ सीमा वर्मा प्रकरण में चल रही जांच में पुलिस अभी तक न तो व्यापारियों को आरोपी सिद्ध कर पा रही है और न ही क्लीनचिट दे रही है। वहीं दौलत गिरि की तलाश करके थक चुकी पुलिस टीम अब कैलिफोर्निया से फेसबुक डिटेल मिलने का इंतजार कर रही है। वहीं तहसील प्रशासन ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ अभी तक जांच शुरू नहीं की है।
तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी साध्वी कोयल गिरि उर्फ सीमा वर्मा को आग से जलाने का आरोप कस्बे के व्यापारी पंकज गुप्ता, सुशील बाबू गुप्ता, अनिल गुप्ता, अनुराग गुप्ता पर लगा है। मामले की रिपोर्ट 24 नवंबर को दर्ज होने के बाद पुलिस की विवेचना में आरोपी व्यापारियों पंकज गुप्ता, सुशील बाबू गुप्ता, अनिल गुप्ता की लोकेशन घटना वाले दिन हरिद्वार मिली, जबकि अनुराग लुधियाना गए हुए थे। इस तफ्तीश के आगे पुलिस अभी तक यह सिद्ध नहीं कर पाई है कि साध्वी प्रकरण में आखिर इन चारों आरोपियों का क्या रोल है। इन व्यापारियों के साथ ही जिस दौलत गिरि को आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट में शामिल किया गया था। उसकी फेसबुक आईडी की वास्तविकता जानने के लिए अब पुलिस को फेसबुक मुख्यालय कैलिफोर्निया(अमेरिका) की मदद लेनी पड़ रही है। वहीं इसी प्रकरण से जुड़े तहसील प्रशासन की ओर से विवादित भूखंड के मामले में अभिलेख गायब करने के आरोपी लेखपाल के खिलाफ साध्वी की चार दिसंबर को हुई मौत के बाद अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।