तिलहर (शाहजहांपुर)।
सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रेन से गिरकर दो यात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर एक घायल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बिहार के जनपद मोतिहारी अंतर्गत होशियारपुर के गांव नेकर टोला निवासी 24 वर्षीय संतोष कुमार पुत्र चुकट शाह अपने साथियों के साथ होशियारपुर से जननायक एक्सप्रेस से परसावानी तपसी जा रहा था। यात्री संतोष कुमार ने बताया कि वह डिब्बे में गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था सुबह लगभग चार बजे उसे नींद का झोंका आने से वह ट्रेन से गिर गया। अंधेरे में ट्रेन से गिर जाने से घायल होने के कारण वह पटरी के किनारे पड़ा रहा सुबह हल्की रोशनी होने पर वह किसी तरह गेट मैन के पास पहुंचा। गांव कुआंडांडा के समीप गेट नंबर 333 सी के गेट मैन गौतम कुमार ने बताया कि जब वह छह बजे ड्यूटी पर आए तब घायल संतोष खून से लथपथ केबिन के बाहर बेसुध पड़ा था तत्काल 108 नंबर एंबुलेंस को बुलाकर उसे सीएचसी में भर्ती कराया।
उधर, शाहजहांपुर के मोहल्ला दिलजाक निवासी आदिल अहमद सुबह किसान एक्सप्रेस से बरेली से शाहजहांपुर अपने घर जा रहे थे। वह ट्रेन में गेट पर खड़े थे। अचानक झटका लगने से वह प्लेटफॉर्म पर गिर कर घायल हो गए। तत्काल उन्हें सीएचसी लाया गया यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया ।
गेट पर आई झपकी बन जाती हादसे का कारण
ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के कारण जान जोखिम में डालकर लोग बोगी के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान आई झपकी हादसे का कारण बन जाती है। 25 मई को इसे रेलवे फाटक के पास बहराइच के ब्लाक गिलौला के गांव ततारपुर निवासी रामपाल यादव ट्रेन के डिब्बे में गेट पर बैठा यात्रा कर रहा था। नींद का झोंका आने से गिरकर घायल हो गया था वह बहराइच से दिल्ली जा रहा था। इससे पूर्व भी कई यात्री ट्रेन से गिरकर या तो घायल हो चुके हैं या फि र मौत के मुंह में चले गए लेकिन यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
पायदान पर बैठ कर यात्रा करना है प्रतिबंधित
तिलहर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक गिरीश चंद्र का कहना है कि ट्रेन के डिब्बे में गेट पर बैठ कर यात्रा करना पूर्णतया वर्जित है प्रतिबंध के बावजूद भी तमाम यात्री डिब्बे के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं ट्रेनों में जीआरपी और आरपीएफ के जवान चलते हैं उन्हें चाहिए कि वह गेट पर बैठे यात्रियों को हिदायत दे कर उन्हें अंदर बैठने को निर्देशित करें यात्रियों में किसी प्रकार का खौफ नहीं है इसलिए वह बेखौफ यात्रा कर रहे हैं।