शाहजहांपुर। अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव मुडिया कलां गांव में बिंदपाल की तीन दिन की बच्ची का 36 घंटे के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने बुधवार को पूरे दिन गांव में रहकर पड़ताल की, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
मंगलवार तड़के गांव के बरामदे में बिंदपाल व उसकी पत्नी शांति देवी लेटे थे। शांति देवी की चारपाई पर तीन दिन की बच्ची थी। सुबह उसकी बच्ची अचानक लापता हो गई। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इस बीच पुलिस ने भी उसकी तलाश की। परिजन कब्र बिज्जू द्वारा बच्ची को उठाकर ले जाने का अंदेशा व्यक्त कर रहे हैं।
बुधवार सुबह थाना प्रभारी प्रदीप सेहरावत अपनी टीम के साथ गांव में पहुंच गए। वन विभाग की टीम के साथ पुलिस ने घर के आसपास व जंगल में तलाश की। शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। सीओ मस्सा सिंह ने बताया कि बच्ची का कोई सुराग नहीं लग सका है।
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ग्रामीणों ने पकड़वाए थे तीन कब्र बिज्जू
गांव में कब्र बिज्जू कुछ दिन पहले बकरी के बच्चे को उठाकर ले गया था। बकरी के बच्चे का भी कोई अवशेष नहीं मिला था। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि गांव से तीन कब्र बिज्जू पकड़वाए गए थे। हालांकि, उनका क्या किया गया, यह ग्रामीण बताने को तैयार नहीं है।
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पेड़ में छिपे होने की संभावना
पुलिस ने बुधवार को पूरे दिन पसीना बहाया। बिंदपाल के घर से कुछ कदम की दूरी पर स्थित बरगद के पेड़ का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां भी कुछ नहीं मिला। पुलिस का मानना है कि कब्र बिज्जू पेड़ में छिपा हो सकता है। अल्हागंज थाने के प्रभारी प्रदीप सहरावत ने बताया कि बच्ची की तलाश की जा रही है।