कलान। रुपयों और संपत्ति के विवाद में बालकराम गुप्ता की हत्या उनके छोटे भाई राजेंद्र ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
कस्बा कलान निवासी 75 वर्षीय बालकराम गुप्ता का शव 14 अप्रैल को ट्यूबवेल के कमरे में मिला था। पुलिस ने प्रापर्टी को लेकर जांच की तो सामने आया कि बालक राम अपने छोटे भाई राजेंद्र और दामाद विकास निवासी कस्बा कलान के पास रहते थे। थानाध्यक्ष कलान सुनील शर्मा ने बताया कि बालक राम ने अपना खेत छोटे भाई राजेंद्र गुप्ता को बेचा था। वह रुपये राजेंद्र गुप्ता के पास ही थे। बालकराम छोटे भाई के पास ही खाना खाता था। घटना से आठ दिन पहले बालकराम ने छोटे भाई राजेंद्र गुप्ता से खेत में नल आदि लगवाने के लिए 15000 रुपये मांगे लेकिन राजेंद्र ने उनको रुपये नहीं दिए। इससे नाराज होकर बालकराम अपने दामाद विकास गुप्ता के यहां खाना खाने लगे। तीन दिन बाद राजेंद्र बालकराम को समझा-बुझाकर वापस अपने घर पर ले आए। राजेंद्र ने दो-तीन दिन में रुपये देने की बात कही। घटना के दिन बालकराम ने राजेंद्र गुप्ता से फिर से 15 हजार रुपये मांगे। उसने रुपये देने को समय मांगा, जिस पर बालकराम नाराज होकर अपने खेत पर बने ट्यूबेल के कमरे में जाकर लेट गए। शाम को राजेंद्र गुप्ता उनके पास पहुंचा और रुपयों को लेकर बातचीत होने लगी, बालकराम ने नाराज होकर राजेंद्र से खेत के तकरीबन ढाई लाख रुपसे मांग लिए। बालक राम ने कहा कि अब वह उनका सारा रुपया दे दें। इसी बात पर दोनों में विवाद हो गया। विवाद के दौरान राजेंद्र ने एक सरिया बालकराम की गर्दन के पास मार दी, जिससे उनके खून निकलने लगा। बालकराम बेहोश हो गए तो छोटे भाई राजेंद्र गुप्ता ने गले में तहमल कसकर हत्या कर दी।