तिलहर। थाना क्षेत्र के गांव हजरतपुर में संदीप वर्मा (12) और उसके फुफेरे भाई प्रियांशु वर्मा (14) की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बृहस्पतिवार को जानवर चराने के लिए तालाब के किनारे गए थे। वहां नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से दोनों की जान चली गई।
हरमेंद्र वर्मा के घर में बृहस्पतिवार की सुबह रक्षाबंधन पर गांव राघवपुर निगोही से बहन उर्मिला अपने पति सुधीर वर्मा और पुत्र प्रियांशु वर्मा के साथ आई थी। सुबह सात बजे ही घर पर राखियां बांधी गईं। संदीप और प्रियांशु ने भी बहनों से राखियां बंधवाईं। लगभग 8:30 बजे संदीप वर्मा अपने फुफेरे भाई प्रियांशु और गांव के कुछ बच्चों के साथ जानवर चराने के लिए गांव के पूर्व दिशा में लगभग एक किलोमीटर दूर तालाब के पास पहुंच गए।
लगभग 10:30 बजे संदीप और प्रियांशु तालाब में नहाने चले गए। गहराई अधिक होने के कारण दोनों तालाब में डूब गए। दोनों को डूबते देखकर साथ आए बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। इस दौरान खेतों में आसपास घास काट रहे लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तालाब में घुसकर किसी तरह दोनों बच्चों को बाहर निकाला। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। तत्काल दोनों को तिलहर सीएचसी लाया गया। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों की मौत से त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।
पूर्व विधायक ने सांत्वना दी
पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा, नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी और थाना पुलिस सीएचसी पहुंचे। रोशन लाल वर्मा ने रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
वीरावती के सिर से पहले पति और अब बड़े पुत्र का साया उठा
संदीप वर्मा के पिता हरमेंद्र वर्मा की सात साल पहले मौत हो चुकी है। हरमेंद्र की पत्नी वीरावती अपनी पुत्री किरन और पुत्र संदीप, छोटे पुत्र प्रदीप के साथ गुजरबसर कर रही थी। संदीप के बाबा कामता प्रसाद अपने पुत्र हरमेंद्र की मौत के बाद से पौत्रों को बड़े प्यार से पाल रहे थे। संदीप गांव में ही सरकारी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। वृद्ध कामता प्रसाद और संदीप की मां वीरावती का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। कुछ घंटे पहले ही वह बहन किरन से राखी बंधवा कर गया था। बहन किरण के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सुधीर वर्मा के घर का चिराग बुझ गया
निगोही के गांव रघवापुर निवासी सुधीर वर्मा पत्नी उर्मिला और 14 वर्षीय पुत्र प्रियांशु वर्मा के साथ अपनी ससुराल आए थे। सुबह प्रियांशु वर्मा ने खुशी-खुशी राखी बंधवाई और फिर वह अपने ममेरे भाई संदीप के साथ जानवर चराने चला गया। संदीप इकलौता पुत्र था। संदीप की एक बड़ी बहन माना है। सुधीर ने रोते-बिलखते हुए बताया कि वह कक्षा पांच में गांव के स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई का नुकसान होने की वजह से वह उसे साथ नहीं ला रहे थे लेकिन उसने मामा के घर चलने की जिद कर दी। अब उसका इकलौता बेटा दुनिया से चला गया है।
लहर सीएचसी पर मौजूद नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी और उप निरीक्षक अनुज चौधरी
लहर सीएचसी पर मौजूद नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी और उप निरीक्षक अनुज चौधरी