फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: दो सगे भाइयों को उम्रकैद, 26 साल पहले सरेराह गोली मारकर की थी युवक की हत्या

Mon, 26 Jun 2023 06:50 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में 26 साल पहले सरेराह श्यामप्रकाश जौहरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला आ गया। अदालत ने हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को उम्रकैद और दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को हत्या के एक मुकदमे में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास और दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मुकदमे में दोषियों के आरोपी पिता की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने विवेचना में लापरवाही बरतने पर दो विवेचकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश डीजीपी को दिए हैं। 

विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार, शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम की रहने वाली ऊषा जौहरी ने 30 जुलाई 1997 को थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बादशाहनगर के रहने वाले अखंड प्रताप सिंह और उसके पिता रामचंद्र ने जबरन उसके मकान पर कब्जा कर लिया था। इसका अदालत में मुकदमा चल रहा था। इसी कारण दोनों लोग उसके पति श्यामप्रकाश जौहरी से रंजिश मानते थे। 

सरेराह की गई थी हत्या  

30 जुलाई को शाम 06:15 बजे वह अपने पति और बेटी के साथ चप्पल में टांका लगवाने और खरीदारी करने के लिए बस अड्डे की ओर जा रही थी। रेलवे क्रॉसिंग पर पीछे से अखंड प्रताप सिंह ने उनके पति को आवाज दी। पति ने पलटकर देखा तो अखंड प्रताप और रामचंद्र ने तमंचे से उनके पति पर फायर किए। गोली चलने पर पति, वह और बेटी दुकान की ओर भागे। तभी अखंड प्रताप के भाई केके सिंह ने पीछे से फायर कर दिया। 

ये भी पढ़ें- पांच मौतों से दहला हाफिजगंज: बरेली में नीचे तक झूलते तार बने जानलेवा; बारिश में बिजली के खंभों से रहें दूर

विज्ञापन

 

गोली लगने से श्यामप्रकाश जौहरी एक दुकान के बाहर तख्त पर गिर गए। फायरिंग से आसपास भगदड़ मच गई। ऊषा की तहरीर पर अखंड प्रताप, केके सिंह और रामचंद्र के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा। 

न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अखंड प्रताप सिंह और केके सिंह को आजीवन कारावास और दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। अदालत ने जुर्माने की संपूर्ण धनराशि चार लाख रुपये प्रतिकर के रूप में श्याम प्रकाश जौहरी के वारिसों को दिलाने का आदेश दिया है। आरोपी रामचंद्र की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। 
विज्ञापन

दो विवेचकों पर भी होगी कार्रवाई 

अदालत ने फैसले में लिखा है कि इस केस में विवेचक ने जिस प्रकार से विवेचना के दौरान लापवाही बरती है, वह समझ से परे है। एक व्यक्ति जिसकी दुस्साहसिक हत्या कर दी जा रही है, उसकी हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बावत विवेचक द्वारा आरोपपत्र में न तो कोई अभिलेख व दस्तावेज प्रस्तुत किया गया और न ही उसके द्वारा जिला मजिस्ट्रेट से कोई भी अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई है। यह अत्यंत लापरवाही भरा और खेदजनक है। 

ये भी पढ़ें- बरेली में युवक ने दी जान: सुसाइड नोट में लिखा- मेरी लाश को पिता और दोस्त के अलावा कोई हाथ न लगाए

ऐसा लगता है कि विवेचक द्वारा अभियुक्तों को अन्यथा लाभ से लाभान्वित होकर लाभ पहुंचाने के लिए इस प्रकार की हरकत की गई है , जो क्षम्य नहीं है। ऐसी स्थिति में न्यायालय ने उत्तर प्रदेश डीजीपी को आदेश दिया है कि विवेचक वीरपाल सिंह और नत्थू सिंह के खिलाफ कड़ी विभागीय जांच कर दंडित करें। न्यायालय को दो महीने के अंदर की गई विभागीय कार्रवाई से अवगत कराएं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें