ककरा न्यू सिटी में नगर निगम का निर्माणाधीन भवन। संवाद
शाहजहांपुर। पालिका से नगर निगम बनने की सालगिरह पर नए कार्यालय भवन में प्रवेश की तैयारी है। दिसंबर के अंत तक निर्माणाधीन कार्यालय भवन का निर्माण कार्य पूर्ण करा लेने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। इसके बाद सिर्फ अंतिम रूप देने का कार्य बाकी रह जाएगा।
गर्रा नदी के किनारे न्यू सिटी ककरा में नगर निगम कार्यालय के नए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी को अप्रैल 2024 तक काम पूरा करने का समय दिया गया, फिर जून 2024 तक निर्माण पूर्ण करने के लिए कहा गया। इसके बाद भी काम पूरा न होने पर समय सीमा को बढ़ाया गया था। अब दिसंबर 2024 तक निर्माण कार्य पूर्ण करा लेने की बात नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने कही है।
उनका कहना है कि वह खुद ही निर्माणाधीन कार्यालय भवन में चल रहे कार्यों को देख रहे हैं। बताया कि दिसंबर अंत तक निर्माण कार्य खत्म हो जाएगा और सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी रहेगा। अप्रैल की 25 तारीख को नगर निगम बनने की सालगिरह मनाने के साथ ही कार्यालय के नवीन भवन में प्रवेश भी होगा। इसको लेकर तैयारी चल रही हैं।
गर्रा का जलस्तर बढ़ने पर प्रभावित हुआ था निर्माण कार्य
- गर्रा नदी के किनारे विकसित न्यू सिटी ककरा में निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन का निर्माण कार्य पिछले दिनों आई बाढ़ की वजह से प्रभावित हो गया था। स्थिति सामान्य होने पर फिर से निर्माण शुरू हो गया है। इसके निर्माण में 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये की लागत आएगी। गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने पर हर साल बाढ़ग्रस्त होने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र का कहना है कि निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन की ओर गर्रा नदी के किनारे बांध बनवाया जाएगा, जिससे बाढ़ग्रस्त होने की समस्या न खड़ी हो सके।
कार्यदायी संस्था के अभियंता के अनुसार पांच-छह माह का लगेगा समय
- कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अभियंता सुशील कुमार के अनुसार नगर निगम कार्यालय के नवीन भवन का निर्माण कार्य पूरा होने में अभी कम से कम पांच-छह महीने का समय लगने की संभावना है। वर्तमान समय में पांचवीं मंजिल पर लिंटर डालने का काम चल रहा है। इसके लिए चौथी मंजिल पर शटरिंग लगी है। तीसरी मंजिल पर चुनाई और प्लास्टर होना है। फिलहाल दूसरी व पहली मंजिल पर प्लास्टर व फर्श हो पाया है। कार्य की धीमी गति का कारण शुरुआत में बजट की कमी और फिर गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आना रहा।