जलालाबाद के गांव गुरुगवां में अधूरा पड़ी गोशाला। संवाद
जलालाबाद। क्षेत्र में संचालित सभी सात गोशालाओं में क्षमता के अनुरूप छुट्टा पशु संरक्षित हैं। इसके बाद भी खेत से लेकर सड़क व हाईवे तक बड़ी तादाद में जानवर घूमते रहते हैं। गुरुगवां में नगर पालिका की वृहद क्षमता की गोशाला का निर्माण कार्य धन के अभाव में एक साल से अटका पड़ा है।
खेतों में फसलों का नुकसान करने तथा हाल ही में हुई दुर्घटनाओं के बाद से छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने की मांग लगातार जारी है। कुछ दिन पहले चलाए गए अभियान में करीब सवा सौ गौवंशीय पशुओं को पकड़कर क्षेत्र में संचालित विभिन्न गोशालाओं में भेज दिया गया। इसके बाद भी अभी बड़ी संख्या में पशु मौजूद हैं, जिनके सरंक्षण के लिए और गोशालाओं की जरूरत है। एक साल पहले शासन ने गोशाला निर्माण की स्वीकृति नगर पालिका को दी थी। नगर में जगह की उपलब्धता न होने पर पालिका ने क्षेत्र के गांव गुरुगवां में जमीन तलाश कर गोशाला का निर्माण शुरू कराया।
करीब 12 बीघे के रकबे में एक करोड़ 66 लाख की लागत से बनने वाली इस गोशाला में ढाई सौ पशुओं को संरक्षित करने की व्यवस्था होनी है। निर्माण के लिए शासन ने करीब 27 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की थी। इस धनराशि से जगह को समतल करके उसमें मिट्टी का भराव डालकर चहारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।
दूसरी किस्त के रूप में धन का आवंटन न होने से बीते एक साल से इस गोशाला का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। इस गोशाला का निर्माण हो जाने से क्षेत्र के लोगों को छुट्टा पशुओं से काफी हद तक निजात मिल जाने की उम्मीद है।
गोशाला निर्माण का कार्य दूसरी किस्त जारी न होने से रुका हुआ है। धन आवंटन के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। अधिकारियों से बात कर धनराशि जल्द जारी करने की मांग शासन से फिर से की जाएगी।
एचएन उपाध्याय, ईओ, नगर पालिका