एक माह से चला रहा था कंटेनर
कंटेनर चालक कमलेश ने बताया कि एक महीने पहले ही उसने नौकरी ज्वाइन की थी तब से ही वह कंटेनर चला रहा था। कोहरा अधिक होने के कारण वह गलत दिशा में आ गया और ऑटो को देख नहीं पाया। टक्कर लगने के बाद ऑटो की बॉडी कंटेनर में फंस गई थी। उसे निकालने के लिए कंटेनर को पीछे किया तभी आसपास के लोग उसकी ओर दौड़ पड़े और पथराव करने लगे। खुद की जान बचाने के लिए उसने कंटेनर को आगे बढ़ा दिया, जिसके बाद वह कंटेनर को लेकर भाग गया। उसे इतने लोगों के कुचलने का आभास नहीं था।
11 मृतकों के परिजनों को मिला मुआवजा
हादसे में मरने वाले 11 पंजीकृत किसान थे। संबंधित तहसील के एसडीएम की जांच के बाद सभी 11 किसानों के परिजनों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित होने के योग्य पाया गया। शनिवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह ने सभी किसानों के परिजन को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित होने का अनुमोदन किया। इसके बाद उनके परिजन के खाते में धनराशि भेजी गई। डीएम उमेश प्रताप सिंह के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. सुरेश कुमार व संबंधित एसडीएम ने 48 घंटे में कागजी प्रक्रिया कराकर खातों में मुआवजा भेजा गया है।
एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय ने बताया कि 12वें मृतक के रूप में बालक को विशेष अनुदान देने का विचार चल रहा है जिस पर सोमवार तक फैसला लिया जाएगा। जबकि मृतक पुत्तूलाल की पत्नी रानी देवी व अनंतराम की पत्नी सीमा देवी का बैंक में खाता नहीं था। उनका खाता सोमवार को खुलवाया जाएगा। कोषागार से दोनों का मुआवजा स्वीकृत कर दिया गया है।